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कब जाएंगे नकवी: कितना बचा है एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष का कार्यकाल, पाकिस्तान के बाद किसे मिलेगी कमान?
Mon, 14 Sep 2026 03:52 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 14 Sep 2026 03:52 PM IST
सार
मोहसिन नकवी अप्रैल 2025 को एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष बने थे और उनका दो साल का कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म होगा। ऐसे में बड़ा सवाल है कि उनके बाद एसीसी की कमान किस देश और किस क्रिकेट बोर्ड के पास जाएगी। फिलहाल अगले अध्यक्ष के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
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कौन बनेगा एसीसी का अगला अध्यक्ष
- फोटो : ANI
विस्तार
पिछले कुछ वर्षों में एक नाम जो एशियाई क्रिकेट में लगातार विवादों में रहा है, वह है- मोहसिन नकवी। महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इससे पहले 2025 पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी।
सिर्फ एशिया कप ही नहीं, नकवी से जुड़े ऐसे कई विवाद रहे हैं, जिन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट के साथ-साथ एशियाई क्रिकेट को भी सवालों के घेरे में रखा है। ऐसे में फैंस तंग आकर सिर्फ एक सवाल पूछ रहे हैं कि एसीसी की कुर्सी पर नकवी आखिर कब तक रहेंगे? नकवी के बाद एसीसी की कमान किसके हाथ में जाएगी? साथ ही नकवी के अब तक के कार्यकाल से जुड़े तमाम विवादों के बारे में भी जानेंगे...
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सिर्फ एशिया कप ही नहीं, नकवी से जुड़े ऐसे कई विवाद रहे हैं, जिन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट के साथ-साथ एशियाई क्रिकेट को भी सवालों के घेरे में रखा है। ऐसे में फैंस तंग आकर सिर्फ एक सवाल पूछ रहे हैं कि एसीसी की कुर्सी पर नकवी आखिर कब तक रहेंगे? नकवी के बाद एसीसी की कमान किसके हाथ में जाएगी? साथ ही नकवी के अब तक के कार्यकाल से जुड़े तमाम विवादों के बारे में भी जानेंगे...
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नकवी मैदान से भाग खड़े हुए
- फोटो : Twitter
कब खत्म होगा नकवी का कार्यकाल?
तो अगले एशिया कप में नकवी नहीं होंगे अध्यक्ष?
- मोहसिन नकवी ने तीन अप्रैल 2025 को एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए इस पद पर चुना गया था। यानी मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म होगा। उनके कार्यकाल के साथ ही पाकिस्तान ने एसीसी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
- एसीसी अध्यक्ष पद रोटेशन के आधार पर सदस्य देशों के बीच जाता रहा है। नकवी से पहले श्रीलंका क्रिकेट के शम्मी सिल्वा एसीसी अध्यक्ष थे। उनसे पहले जय शाह ने इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी। जय शाह जनवरी 2021 में एसीसी अध्यक्ष बने थे। बाद में सदस्य देशों के समर्थन से उनका कार्यकाल 2024 तक बढ़ाया गया। वह एसीसी के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाले व्यक्ति हैं। फिलहाल जय शाह आईसीसी अध्यक्ष हैं।
- अगस्त 2026 में हुई एसीसी की वार्षिक आम बैठक में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भी अध्यक्ष पद की रोटेशन में शामिल कर लिया गया है। इससे एसीसी अध्यक्ष पद की रोटेशन में अब पांच पूर्ण सदस्य बोर्ड शामिल हो गए हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश के अलावा अफगानिस्तान शामिल हैं। इसका मतलब है कि भविष्य में अध्यक्ष पद की रोटेशन में अब अफगानिस्तान भी दावेदार देशों में शामिल रहेगा।
तो अगले एशिया कप में नकवी नहीं होंगे अध्यक्ष?
- यहां सबसे दिलचस्प बात एशिया कप के कार्यक्रम और नकवी के कार्यकाल की है। एशिया कप आम तौर पर दो साल के अंतराल पर आयोजित होता है। 2026 में महिला एशिया कप के बाद अगला पुरुष एशिया कप 2027 में होना है, जो कि वनडे विश्वकप को देखते हुए वनडे प्रारूप में आयोजित किया जाएगा। नकवी का मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2027 में समाप्त होना है। यानी काउंटडाउन शुरू हो चुका है और नकवी के हटने में लगभग आठ महीने बचे हैं।
- यानी मौजूदा कार्यकाल के हिसाब से 2027 पुरुष एशिया कप के दौरान नकवी एसीसी अध्यक्ष नहीं होंगे, बशर्ते उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाता। ऐसे में भारतीय टीम और एसीसी के बीच ट्रॉफी को लेकर जो विवाद 2025 और 2026 में देखने को मिला, वैसी स्थिति अगले एशिया कप में बनेगी या नहीं, यह काफी हद तक नए अध्यक्ष और दोनों बोर्डों के रिश्तों पर निर्भर करेगा।
नकवी और टीम इंडिया
- फोटो : Twitter
पहले समझिए, एसीसी अध्यक्ष कैसे चुना जाता है?
2027 में कौन बनेगा एशियाई क्रिकेट काउंसिल का अध्यक्ष?
मोहसिन नकवी का एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) अध्यक्ष के तौर पर दो साल का कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म होगा। इसके बाद एसीसी की कमान किसके हाथ में जाएगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यहां समझने वाली बात यह है कि अध्यक्ष पद सदस्य देशों के बीच रोटेशन के आधार पर आगे बढ़ता है। जिस देश की बारी आती है, वहां से एसीसी अध्यक्ष के लिए नाम सामने आता है और अंतिम फैसला परिषद की औपचारिक प्रक्रिया के तहत होता है।
- एशियन क्रिकेट काउंसिल एशिया के क्रिकेट बोर्डों का क्षेत्रीय संगठन है। इसके अध्यक्ष का कार्यकाल आम तौर पर दो साल का होता है और नेतृत्व सदस्य देशों के बीच रोटेशन के जरिए बदलता रहता है।
- यही वजह है कि नकवी के बाद किसी व्यक्ति का नाम पहले से तय होने के बजाय यह देखना होगा कि अगली बारी किस सदस्य देश की है और उस समय उसके क्रिकेट बोर्ड का नेतृत्व कौन कर रहा है।
- पाकिस्तान की बारी आने पर नकवी ने तीन अप्रैल 2025 को एसीसी अध्यक्ष का पद संभाला था। अब अप्रैल 2027 में उनके कार्यकाल के पूरा होने के बाद यही प्रक्रिया नए नेतृत्व के लिए अपनाई जाएगी।
- एसीसी अपने कामकाज के लिए सिर्फ अध्यक्ष पर निर्भर नहीं रहता। इसके कार्यकारी बोर्ड के दूसरे सदस्य भी अहम जिम्मेदारियां संभालते हैं। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) क्रिकेट बोर्ड के खालिद अल जरूनी को एसीसी का नया उपाध्यक्ष चुना गया है। इसके अलावा कतर और सिंगापुर के निदेशक भी एसीसी के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
- इसका सीधा मतलब है कि 2027 में जब नया एसीसी अध्यक्ष आएगा, तब उसके साथ खालिद अल जरूनी और कतर-सिंगापुर के प्रतिनिधि भी संगठन के संचालन में सक्रिय रहेंगे। यानी एसीसी के फैसले और रोजमर्रा का काम सिर्फ अध्यक्ष के भरोसे नहीं होगा, बल्कि कार्यकारी बोर्ड की टीम मिलकर इसे आगे बढ़ाएगी।
2027 में कौन बनेगा एशियाई क्रिकेट काउंसिल का अध्यक्ष?
मोहसिन नकवी का एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) अध्यक्ष के तौर पर दो साल का कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म होगा। इसके बाद एसीसी की कमान किसके हाथ में जाएगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यहां समझने वाली बात यह है कि अध्यक्ष पद सदस्य देशों के बीच रोटेशन के आधार पर आगे बढ़ता है। जिस देश की बारी आती है, वहां से एसीसी अध्यक्ष के लिए नाम सामने आता है और अंतिम फैसला परिषद की औपचारिक प्रक्रिया के तहत होता है।
तमीम इकबाल
- फोटो : ANI
क्या 2027 में बांग्लादेश की बारी आएगी?
रोटेशन को लेकर सामने आ रही चर्चाओं में 2027 के लिए बांग्लादेश का नाम लिया जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की ओर से उस समय जो प्रमुख चेहरा होगा, उसका नाम एसीसी अध्यक्ष पद के लिए सामने आ सकता है। यानी अभी किसी एक व्यक्ति को अगला एसीसी अध्यक्ष कहना सही नहीं होगा।
असली तस्वीर 2027 में यह देखकर साफ होगी कि उस समय बीसीबी का नेतृत्व कौन कर रहा है और एसीसी की औपचारिक प्रक्रिया में किस नाम को मंजूरी मिलती है। साथ ही 2026 में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भी एसीसी की अध्यक्षता की रोटेशन व्यवस्था में शामिल किया गया है। इससे भविष्य में इस पद के लिए दावेदार देशों की संख्या बढ़ गई है। इसलिए नकवी के बाद अगला अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर अभी अंतिम तस्वीर का इंतजार करना होगा।
क्या तमीम इकबाल बन सकते हैं अगले एसीसी अध्यक्ष?
इसी संभावित समीकरण के बीच बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल का नाम भी चर्चा में आया है। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष तमीम इकबाल को लेकर ऐसी अटकलें सामने आई हैं कि वह भविष्य में बीसीबी के साथ साथ एसीसी की शीर्ष जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। अगर 2027 में बांग्लादेश की बारी रहती है और उस समय तमीम बीसीबी के अध्यक्ष या प्रमुख पद पर होते हैं, तभी उनके एसीसी अध्यक्ष बनने की संभावना बन सकती है, लेकिन अभी इसे पक्की खबर या तय नियुक्ति नहीं माना जा सकता।
सबसे पहले तमीम की बीसीबी में स्थिति तय होगी और उसके बाद एसीसी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए 'तमीम इकबाल 2027 में एसीसी अध्यक्ष बनेंगे' कहना अभी जल्दबाजी होगी। ज्यादा सटीक बात यह है कि अगर बांग्लादेश की बारी आती है और तमीम उस समय बीसीबी का नेतृत्व करते हैं, तो वह संभावित दावेदार हो सकते हैं।
रोटेशन को लेकर सामने आ रही चर्चाओं में 2027 के लिए बांग्लादेश का नाम लिया जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की ओर से उस समय जो प्रमुख चेहरा होगा, उसका नाम एसीसी अध्यक्ष पद के लिए सामने आ सकता है। यानी अभी किसी एक व्यक्ति को अगला एसीसी अध्यक्ष कहना सही नहीं होगा।
असली तस्वीर 2027 में यह देखकर साफ होगी कि उस समय बीसीबी का नेतृत्व कौन कर रहा है और एसीसी की औपचारिक प्रक्रिया में किस नाम को मंजूरी मिलती है। साथ ही 2026 में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भी एसीसी की अध्यक्षता की रोटेशन व्यवस्था में शामिल किया गया है। इससे भविष्य में इस पद के लिए दावेदार देशों की संख्या बढ़ गई है। इसलिए नकवी के बाद अगला अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर अभी अंतिम तस्वीर का इंतजार करना होगा।
क्या तमीम इकबाल बन सकते हैं अगले एसीसी अध्यक्ष?
इसी संभावित समीकरण के बीच बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल का नाम भी चर्चा में आया है। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष तमीम इकबाल को लेकर ऐसी अटकलें सामने आई हैं कि वह भविष्य में बीसीबी के साथ साथ एसीसी की शीर्ष जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। अगर 2027 में बांग्लादेश की बारी रहती है और उस समय तमीम बीसीबी के अध्यक्ष या प्रमुख पद पर होते हैं, तभी उनके एसीसी अध्यक्ष बनने की संभावना बन सकती है, लेकिन अभी इसे पक्की खबर या तय नियुक्ति नहीं माना जा सकता।
सबसे पहले तमीम की बीसीबी में स्थिति तय होगी और उसके बाद एसीसी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए 'तमीम इकबाल 2027 में एसीसी अध्यक्ष बनेंगे' कहना अभी जल्दबाजी होगी। ज्यादा सटीक बात यह है कि अगर बांग्लादेश की बारी आती है और तमीम उस समय बीसीबी का नेतृत्व करते हैं, तो वह संभावित दावेदार हो सकते हैं।
मोहसिन नकवी
- फोटो : ANI
क्या नकवी को दोबारा मौका मिल सकता है?
किसी भी अध्यक्ष के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का सवाल सदस्य देशों की सहमति और एसीसी की प्रक्रिया पर निर्भर करता है, लेकिन मौजूदा विवादों को देखते हुए नकवी के दूसरे कार्यकाल की संभावना न के बराबर है। फिलहाल न तो उनके कार्यकाल के विस्तार की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही किसी नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मोहसिन नकवी के पास एसीसी अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने का प्रावधान है। हालांकि, उन्हें इसके लिए एसीसी के सदस्य देशों का जरूरी समर्थन मिलना आसान नहीं माना जा रहा। बीसीसीआई का रुख भी अभी साफ नहीं है, लेकिन भारत-पाकिस्तान के मौजूदा तनावपूर्ण रिश्तों को देखते हुए भारत से नकवी को समर्थन मिलने की संभावना मुश्किल नजर आती है।
दो एशिया कप, दो बार ट्रॉफी पर विवाद
किसी भी अध्यक्ष के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का सवाल सदस्य देशों की सहमति और एसीसी की प्रक्रिया पर निर्भर करता है, लेकिन मौजूदा विवादों को देखते हुए नकवी के दूसरे कार्यकाल की संभावना न के बराबर है। फिलहाल न तो उनके कार्यकाल के विस्तार की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही किसी नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मोहसिन नकवी के पास एसीसी अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने का प्रावधान है। हालांकि, उन्हें इसके लिए एसीसी के सदस्य देशों का जरूरी समर्थन मिलना आसान नहीं माना जा रहा। बीसीसीआई का रुख भी अभी साफ नहीं है, लेकिन भारत-पाकिस्तान के मौजूदा तनावपूर्ण रिश्तों को देखते हुए भारत से नकवी को समर्थन मिलने की संभावना मुश्किल नजर आती है।
दो एशिया कप, दो बार ट्रॉफी पर विवाद
- नकवी के कार्यकाल में भारत और एसीसी के बीच ट्रॉफी को लेकर विवाद दो बार सामने आ चुका है। 2025 में पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी। इसके बाद ट्रॉफी को लेकर लंबे समय तक गतिरोध बना रहा। 2026 में महिला एशिया कप के फाइनल में भी यही स्थिति दोहराई गई। भारत ने श्रीलंका को हराकर खिताब जीता, लेकिन टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इस वजह से पुरस्कार समारोह में देरी हुई और भारतीय टीम पारंपरिक ट्रॉफी समारोह का हिस्सा नहीं बनी।
- भारतीय टीम के इस फैसले के पीछे भारत और पाकिस्तान के बीच जारी राजनीतिक तनाव भी अहम कारण रहा है। बीसीसीआई ने एसीसी को पहले ही अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दे दी थी कि किन परिस्थितियों में भारतीय टीम ट्रॉफी समारोह में हिस्सा नहीं लेगी। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी कहा कि यह फैसला सोच-समझकर लिया गया था।
आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी
- फोटो : ANI/Twitter
अंडर-19 एशिया कप में भी दिखा था विवाद
नकवी से जुड़ा यह विवाद सिर्फ सीनियर एशिया कप तक सीमित नहीं रहा। 2025 पुरुष एशिया कप के कुछ महीने बाद अंडर-19 एशिया कप 2025 के फाइनल में भी भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रॉफी समारोह में यही दूरी देखने को मिली। भारत के खिलाफ फाइनल जीतने के बाद मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान की टीम को विजेता पदक और ट्रॉफी सौंपी। हालांकि, इस समारोह में भारत की ओर से कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने उपविजेता का चेक अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मिरवाइस अशरफ से लिया।
नकवी के हटने के बाद क्या मिलेगा भारत को?
ट्रॉफी विवाद का एक बड़ा सवाल यह भी है कि 2025 और 2026 की दोनों एशिया कप ट्रॉफियां भारतीय टीम को आखिर कब मिलेंगी। मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए यह उम्मीद जरूर की जा रही है कि एसीसी नेतृत्व में बदलाव के बाद इस विवाद को सुलझाने की गुंजाइश बढ़ सकती है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि नकवी के पद से हटते ही दोनों ट्रॉफियां अपने आप भारत को सौंप दी जाएंगी। ट्रॉफी किस प्रक्रिया से दी जाएगी और एसीसी की अगली व्यवस्था क्या होगी, यह नए नेतृत्व के फैसले पर निर्भर करेगा।
नकवी से जुड़ा यह विवाद सिर्फ सीनियर एशिया कप तक सीमित नहीं रहा। 2025 पुरुष एशिया कप के कुछ महीने बाद अंडर-19 एशिया कप 2025 के फाइनल में भी भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रॉफी समारोह में यही दूरी देखने को मिली। भारत के खिलाफ फाइनल जीतने के बाद मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान की टीम को विजेता पदक और ट्रॉफी सौंपी। हालांकि, इस समारोह में भारत की ओर से कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने उपविजेता का चेक अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मिरवाइस अशरफ से लिया।
नकवी के हटने के बाद क्या मिलेगा भारत को?
ट्रॉफी विवाद का एक बड़ा सवाल यह भी है कि 2025 और 2026 की दोनों एशिया कप ट्रॉफियां भारतीय टीम को आखिर कब मिलेंगी। मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए यह उम्मीद जरूर की जा रही है कि एसीसी नेतृत्व में बदलाव के बाद इस विवाद को सुलझाने की गुंजाइश बढ़ सकती है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि नकवी के पद से हटते ही दोनों ट्रॉफियां अपने आप भारत को सौंप दी जाएंगी। ट्रॉफी किस प्रक्रिया से दी जाएगी और एसीसी की अगली व्यवस्था क्या होगी, यह नए नेतृत्व के फैसले पर निर्भर करेगा।
नकवी के कहने पर ट्रॉफी लेकर निकलता एसीसी का अधिकारी
- फोटो : ANI/PTI
नकवी के कार्यकाल में सिर्फ ट्रॉफी विवाद नहीं
मोहसिन नकवी का कार्यकाल सिर्फ भारत के साथ ट्रॉफी विवादों के कारण चर्चा में नहीं रहा है। वह एक साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और एसीसी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। पीसीबी चेयरमैन के साथ-साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री की भूमिका निभाने के कारण भारत-पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। यही वजह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट से जुड़े कई मामलों में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट में भी फैसलों पर उठे सवाल
नकवी को पाकिस्तान क्रिकेट में भी कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा है। 2024 टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने टीम में 'मेजर सर्जरी' की बात कही थी। इसके बाद टीम और प्रबंधन में कई बदलाव किए गए। इंग्लैंड दौरे के दौरान टेस्ट टीम में अचानक किए गए बदलावों ने भी सवाल खड़े किए। पाकिस्तान ने टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार झेली और इसके बाद टीम प्रबंधन और चयन प्रक्रिया को लेकर आलोचना बढ़ी। ऐसे में नकवी के प्रशासनिक कार्यकाल पर सवाल सिर्फ भारत-पाकिस्तान विवाद तक सीमित नहीं रहे हैं।
मोहसिन नकवी का कार्यकाल सिर्फ भारत के साथ ट्रॉफी विवादों के कारण चर्चा में नहीं रहा है। वह एक साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और एसीसी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। पीसीबी चेयरमैन के साथ-साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री की भूमिका निभाने के कारण भारत-पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। यही वजह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट से जुड़े कई मामलों में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट में भी फैसलों पर उठे सवाल
नकवी को पाकिस्तान क्रिकेट में भी कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा है। 2024 टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने टीम में 'मेजर सर्जरी' की बात कही थी। इसके बाद टीम और प्रबंधन में कई बदलाव किए गए। इंग्लैंड दौरे के दौरान टेस्ट टीम में अचानक किए गए बदलावों ने भी सवाल खड़े किए। पाकिस्तान ने टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार झेली और इसके बाद टीम प्रबंधन और चयन प्रक्रिया को लेकर आलोचना बढ़ी। ऐसे में नकवी के प्रशासनिक कार्यकाल पर सवाल सिर्फ भारत-पाकिस्तान विवाद तक सीमित नहीं रहे हैं।