दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को सेंचुरियन के सुपर स्पोर्ट पार्क स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में टीम इंडिया के स्टार लेग स्पिनर युजवेन्द्र चहल के सबसे खराब गेंदबाजी करने के बावजूद भी प्रोटियाज टीम के इस खिलाड़ी ने उनकी प्रशंसा की है। गौरतलब है कि दूसरे टी-20 मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन और कप्तान जेपी डुमिनी के बेहतरीन पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया को 6 विकेट से हराकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। इस मुकाबले में चहल ने सबसे ज्यादा 64 रन लुटाए।
चहल के गेंदो पर छह छक्के मारने वाले इस खिलाड़ी ने बताया, क्यों करता हूं उनकी इतनी पिटाई
मैन ऑफ द मैच रहे क्लासेन 30 गेंदों में तीन चौकों और सात छक्कों की मदद से पर 69 रन बनाए। क्लासेन ने अपने बल्लेबाजी में टीम इंडिया के लेग स्पिनर युजवेन्द्र चहल को निशाना बनाया। 7 छ्क्कों में से 6 छक्के क्लासेन ने चहल की ही गेंदों पर लगाए। इस दौरान उन्होंने कहा है कि भले ही टीम के मेरे सहयोगी चहल की गेंदों को खेलने में नाकाम रहे लेकिन मुझे टीम इंडिया के इस लेग स्पिनर का सामना करना बेहद पसंद है।
वांडरर्स की तरह क्लासेन ने सेंचुरियन के सुपर स्पोर्ट पार्क पर भी चहल के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए। पारी के 13वें ओवर में उन्होंने चहल की गेंदों पर 23 रन बटोरे। चहल और कुलदीप यादव की स्पिन जोड़ी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के खिलाफ काफी सफल रही लेकिन क्लासेन ने उन्हें आसानी से खेला। क्लासेन ने चहल के बारे में कहा, 'मुझे चहल सामना करना पसंद है। जब मेरा क्रिकेट में अनुभव नहीं था तब दो उपयोगी लेग स्पिनर हुआ करते थे। मैंने टाइटन्स की तरफ से शान वान बर्ग का भी काफी सामना किया है।'
उन्होंने कहा, 'हम हमेशा मजाक करते थे कि मुझे अन्य लेग स्पिनर का करियर बर्बाद करना चाहिए ताकि वह आगे बढ़ सके। कई बार ऐसा हो जाता था। आप जहां शॉट मारना चाहते हो वहां गेंद को हिट करके अच्छा लगता है। बुधवार को ऐसा ही हुआ।' उन्होंने साफ कहा कि चहल पर आक्रमण करना रणनीति का हिस्सा नहीं था, लेकिन जिस तरह से उनके तेज गेंदबाजों ने गेंदबाजी की तो मैंने लेग स्पिनर के खिलाफ अपने मौके बनाए क्योंकि उसके खिलाफ मेरे पास अधिक विकल्प थे।'
क्लासेन ने दूसरे टी-20 मैच के दौरान अपने अंदर का डर खत्म करने का श्रेय कप्तान जेपी डुमिनी को दिया। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि उनकी मैच विजेता पारी में कप्तान डुमिनी की भूमिका अहम रही। उन्होंने डुमिनी के साथ तीसरे विकेट के लिये 97 रन की साझेदारी की।