डेविड वॉर्नर को गेंद से छेड़खानी के मामले में प्रतिबंध लगने के बाद डर सता रहा था कि वह फिर कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाएंगे लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज ने पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप में यहां 107 रन बनाकर यह डर खुद से मीलों दूर भगा दिया।
पाकिस्तान के मैच से पहले डेविड वॉर्नर को सता रहा था इस बात का डर, खुद किया खुलासा
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उन्होंने कहा कि इस पारी से उन्हें खुशी और राहत दोनों मिल रही है क्योंकि एक समय वह सोचा करते थे कि क्या कभी उनके जीवन में ऐसा क्षण फिर कभी आएगा।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज से पूछा गया कि क्या कभी उन्हें लगा कि इंग्लैंड के खिलाफ दिसंबर 2017 में बाक्सिंग डे टेस्ट में लगाया गया शतक आस्ट्रेलिया की तरफ से उनका आखिरी सैकड़ा हो सकता है, उन्होंने कहा, ‘‘हां, निश्चित तौर पर। मेरे दिमाग में हमेशा यह बात घूमती रहती थी।’’
वहीं अपनी सफलता का श्रेय देते हुए वॉर्नर ने अपनी पत्नी कैंडिस की तारीफ की है। वॉर्नर का कहना है कि, 'मैं खुद को जीवंत बनाए रख पाया तो वो सिर्फ मेरी पत्नी और दोनों बच्चे की वजह से। मुझे अपने परिवार से बहुत ज्यादा समर्थन मिला। घर में मेरी पत्नी, वो मेरा मजबूत पक्ष है। वो अविश्वसनीय, अनुशासित और निस्वार्थ है।’’
वॉर्नर ने कहा, ‘‘उसे बहुत श्रेय जाता है। वो कभी हार नहीं मानने वाली महिला है। उसने पहले 12 सप्ताह में मुझे कई बार घर में बैठे रहने की बजाय दौड़ने और अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। अगर मैं अपनी फिटनेस और कड़ी मेहनत के स्तर को बनाए रख पाया तो इसका श्रेय उसे ही जाता है।’’