हैप्पी बर्थडे: संन्यास के बाद विश्व कप के लिए क्यों लौटे थे जवागल श्रीनाथ? यहां पढ़ें मैसूर एक्सप्रेस की कहानी
जवागल श्रीनाथ भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में शुमार रहे। 'मैसूर एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर श्रीनाथ ने 229 वनडे में 315 और 67 टेस्ट में 236 विकेट लिए। 2003 विश्व कप में भारत को फाइनल तक पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा। संन्यास के बाद उन्होंने आईसीसी मैच रेफरी के रूप में नई भूमिका चुनी।
विस्तार
भारतीय क्रिकेट में जब तेज गेंदबाजों की बात होती है तो जवागल श्रीनाथ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। ‘मैसूर एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर श्रीनाथ ने लंबे समय तक भारतीय तेज गेंदबाजी की कमान संभाली। कपिल देव के बाद वह भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी का बड़ा चेहरा बने और कपिल के संन्यास के बाद भारतीय गेंदबाजी की अगुआई की। श्रीनाथ आज अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। 31 अगस्त, 1969 को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे श्रीनाथ दाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे। अपनी गति, स्विंग और धीमी गेंदों के बेहतरीन मिश्रण से वह विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान करते थे।
जवागल श्रीनाथ ने 1991 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। 1997 में उन्हें चोट लगी, जिसके कारण वह लगभग पूरे साल क्रिकेट से दूर रहे। उस समय उनकी वापसी को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि, श्रीनाथ ने वापसी की और 1998 उनके करियर का श्रेष्ठ वर्ष रहा। चोट का असर उनकी गति पर पड़ा, लेकिन उनकी विकेट लेने की क्षमता और बेहतर हो गई। इसके बाद उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी में अपनी अहम जगह बनाए रखी।
श्रीनाथ के नाम थी 154.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
1999 वनडे विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीनाथ ने 154.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। 2023 तक यह वनडे में किसी भारतीय गेंदबाज की सबसे तेज गेंद थी। हालांकि, 2023 में श्रीलंका के खिलाफ उमरान मलिक ने 156 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
श्रीनाथ 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त रूप से आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। इसके बाद 2003 वनडे विश्व कप में भारत के फाइनल तक पहुंचने में भी उनका अहम योगदान रहा। 2003 विश्व कप से पहले श्रीनाथ ने संन्यास ले लिया था, लेकिन तत्कालीन भारतीय कप्तान सौरव गांगुली उन्हें वापस लेकर आए। वापसी के बाद श्रीनाथ ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया और 11 मैचों में 16 विकेट लिए। श्रीनाथ ने भारत के लिए चार वनडे विश्व कप (1992, 1996, 1999 और 2003) खेले। 2003 विश्व कप के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
वनडे में भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाज
श्रीनाथ भारत की ओर से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं। वह अनिल कुंबले के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज हैं। 12 साल के करियर में उन्होंने 229 वनडे मैचों में 315 विकेट लिए। वह 300 वनडे विकेट लेने वाले एकमात्र भारतीय तेज गेंदबाज भी हैं। टेस्ट क्रिकेट में श्रीनाथ ने 67 मैचों में 236 विकेट हासिल किए।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद श्रीनाथ ने कमेंट्री और कोचिंग के बजाय रेफरी के रूप में करियर चुना। मौजूदा समय में वह आईसीसी के सर्वाधिक प्रतिष्ठित रेफरी हैं। 1999 में जवागल श्रीनाथ को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। रविवार 30 अगस्त को जवागल श्रीनाथ की ट्रॉली बैग के साथ बंगलूरू मेट्रो में सफर करते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसके बाद वह देखते ही देखते ट्रेंड करने लगे।
एक कौने में खड़ा ये आदमी पता हैं कौन हैं ?
— Soniya Deshwal (@ImSoniya24) August 29, 2026
ये हैं Javagal Srinath
पूर्व भारतीय क्रिकेटर
ODI में 315 विकेट
Test में 236 विकेट
भारत के लिए 4 विश्व कप खेले, सबसे ज्यादा 44 विकेट लेने का रिकॉर्ड इनके नाम हैं
अब इन्हीं Javagal Srinath को बंगलुरू की Namma Metro में चुपचाप एक कौने… pic.twitter.com/0XgQu0jETG
श्रीनाथ की सादगी की हुई चर्चा
तस्वीर में पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जींस और हल्के नीले रंग की शर्ट पहने नजर आए। उनके पास ट्रॉली बैग रखा था और वह बिल्कुल आम यात्री की तरह मेट्रो में सफर करते दिखे। तस्वीर में न कोई तामझाम नजर आया और न ही उनके आसपास किसी तरह का बड़ा काफिला। श्रीनाथ का यह सादा अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद आया और उनकी तस्वीर पर खूब प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। फैंस रोजमर्रा की जिंदगी में उनकी सादगी की खूब चर्चा की। इससे पहले भी श्रीनाथ की मैसूर रेलवे स्टेशन से तस्वीर सामने आ चुकी है, जिसमें वह कंधे पर बैग टांगे आम यात्री की तरह नजर आए थे।