टीम इंडिया के मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट मैचों में खराब प्रदर्शन से सीख लेते हुए बीसीसीआई की देखरेख करने वाली प्रशासकों की समिति (सीओए) ने हेड कोच रवि शास्त्री को फटकार लगाई है। सीओए ने कहा कि सीरीज के लिए पर्याप्त तैयारी का समय दिया गया, जिसके बावजूद टीम इंडिया का लचर प्रदर्शन रहा। यह स्वीकार्य नहीं है।
इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए पहले टेस्ट में टीम इंडिया 194 रन के लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी और 31 रन से मुकाबला गंवा बैठी। विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया को लॉर्ड्स पर दूसरे टेस्ट में भी करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। टीम इंडिया ने यह टेस्ट एक पारी और 159 रन के विशाल अंतर से गंवाया और पांच मैचों की सीरीज में वह 0-2 से पिछड़ रही है।
सूत्र ने कहा, 'सीओए ने रवि शास्त्री को स्पष्ट किया है कि टीम को इतनी जल्दी इंग्लैंड भेजकर परिस्थितियों में खुद को ढालने का पर्याप्त समय दिया गया। शीर्ष क्रम का इतना खराब प्रदर्शन प्रोत्साहित करने योग्य नहीं है। समिति ने अपने संचार में इसका भी उल्लेख किया कि वह इस मामले में हेड कोच रवि शास्त्री से विचार-विमर्श जरूर करेगी। जब टीम लौटेगी तब सीओए कुछ प्रक्रियाओं पर चर्चा करने के पहले अवसर पर चयनकर्ताओं के साथ बैठक करेगी।'
विनोद राय की अध्यक्षता वाली सीओए और बीसीसीआई को इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका दौरे को लेकर कड़ी निंदा झेलना पड़ी थी। टीम इंडिया ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 1-2 से गंवाई थी। सीओए और बीसीसीआई को आलोचना का सामना करना पड़ा था क्योंकि टीम इंडिया के खिलाड़ियों को दौरे की तैयारी का पर्याप्त समय नहीं मिला था। इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम जून के आखिरी सप्ताह में रवाना हो गई थी।
टीम इंडिया ने पहले आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज खेली। इसके बाद पांच मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट की शुरुआत 1 अगस्त से हुई। ऐसे में टीम इंडिया के खिलाड़ियों के पास इंग्लिश परिस्थितियों में खुद को ढालने के लिए एक महीने का समय मिला। मुरली विजय और अजिंक्य रहाणे जैसे दिग्गज बल्लेबाज सीमित ओवर सीरीज में टीम इंडिया के सदस्य नहीं थे, लेकिन उन्हें भारत-ए की तरफ से लाल गेंद क्रिकेट खेलने के लिए जल्दी इंग्लैंड भेजा गया।