भारतीय टीम का वह स्पिन गेंदबाज जो अपनी एक ही गेंदबाजी एक्शन से चार तरह की गेंदें फेंक लिया करता था। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कहे जाने वाले शेन वॉर्न भी उन्हें अपने आदर्श मानते थे। 1970 के दशक में टीम इंडिया की स्पिन की जान कहलाने वाले जादुई स्पिनर और पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी का 77 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
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बिशन सिंह बेदी
- फोटो : सोशल मीडिया
बेदी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज 1966 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। वह करीब 12 साल तक भारत के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी ही नहीं बतौर कप्तान भी खूब नाम कमाया। 67 टेस्ट मैच उनके नाम 266 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने 22 टेस्ट मैच में भारतीय टीम की कमान भी संभाली। बिशन सिंह बेदी ने अपना प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर 1560 विकेट के साथ समाप्त किया था, जो कि एक रिकॉर्ड है।
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बिशन सिंह बेदी
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द टेलीग्राफ में लिखे अपने आर्टिकल में रामचंद्रा गुहा ने बताया था कि बेदी ने पहली बार टेस्ट मैच तभी देखा, जब उन्होंने अपन टेस्ट डेब्यू किया था। इससे पहले उन्होंने टेस्ट मैच कभी नहीं देखा था। बिशन सिंह बेदी के कई किस्से मशहूर हैं। आइए जानते हैं...
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बिशन सिंह बेदी
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बात साल 1989-90 की है। उस समय बेदी न्यूजीलैंड दौरे पर बतौर टीम इंडिया के मैनेजर बनकर गए थे। जहां रॉथमैंस कप में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया से हार झेलनी पड़ी थी। इस हार के बाद बेदी टीम इंडिया पर बेहद ही गुस्सा थे। उस वक्त उन्होंने कहा था कि पूरी टीम इंडिया को प्रशांत महासागर में डुबो देना चाहिए। 1990 में भारतीय टीम वापस भारत लौट रही थी। उन्होंने उस वक्त पूरी टीम इंडिया को समंदर में फेंकने की धमकी दी थी।
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बिशन सिंह बेदी
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बेदी ने एक बार किसी इंटरव्यू में कहा था कि उनकी गेंदबाजी की ताकत उनकी अंगुलियां थीं। यही वजह है कि वह अपनी अंगुलियों को मजबूत बनाने और कलाई को लचीला बनाने के लिए अपने कपड़े खुद धोया करते थे। इससे उनकी अंगुलियों को ताकत मिलती और गेंद को अंगुलियों में फंसाकर घुमाना आसान होता जाता था।