अल जजीरा टीवी नेटवर्क की इनवेस्टिगेटिव यूनिट द्वारा क्रिकेट करप्शन पर बनाई गई डॉक्यूमेंटरी में अब एक नया खुलासा हुआ है। स्टिंग ऑपरेशन का टेलीकास्ट होने के बाद कहा जा रहा है कि पिछले दो सालों में भारत के करीब तीन टेस्ट मैच फिक्स किए गए हैं। इससे पहले अल जजीरा टीवी नेटवर्क ने दावा किया था कि मुंबई के लोकप्रिय प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रॉबिन मॉरिस ने स्वीकार किया कि पिछले साल गॉल टेस्ट की पिच बदलने के लिए ग्राउंड्समैन को रिश्वत देने में वह भी शामिल थे। मॉरिस को कथित तौर पर मैच फिक्सर माना जाता है।
टीम इंडिया के कई मैच थे फिक्स, स्टिंग ऑपरेशन में हुआ पर्दाफाश
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इससे पहले गॉले स्टेडियम के पिच क्यूरेटर थरंगा इंडिका ने भी कहा था कि हम ऐसी पिच तैयार कर सकते हैं जो गेंदबाज या बल्लेबाज के पक्ष में हों। स्टिंग में खुलासा किया गया है कि भारत और श्रीलंका के बीच 2017 में खेले गए गॉले टेस्ट के अलावा चेन्नई में इंग्लैंड और भारत व रांची में ऑस्ट्रेलिया और भारत (2017) के बीच खेले गए मुकाबलों के सेशन फिक्स किए गए थे। हालांकि इस पूरी कहानी में टीम इंडिया के किसी भी खिलाड़ी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
इसमें बताया गया है कि रांची टेस्ट में सेशन फिक्स करने में दो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का हाथ था, जबकि चेन्नई में तीन इंग्लिश खिलाड़ियों ने सेशन फिक्स किए थे। यह मामला सामने आने के बाद इंग्लिश क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने इसे बेबुनियाद ठहराया है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरफ से अभी तक कोई बयान जारी नहीं हुआ है।
बता दें कि पहले चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन के कुछ अंश ऑनलाइन पोस्ट किए थे। इसके बाद ICC ने इस मामले में जांच करवाने की बात कही थी। ICC के महाप्रबंधक (भ्रष्टाचार विरोधी इकाई) एलेक्स मार्शल ने एक बयान में कहा, 'हमें जो जानकारी मिली है, उसके आधार पर भ्रष्टाचार विरोधी के सदस्यों के साथ जांच शुरू कर दी गई है।
उन्होंने आगे कहा, 'हमने दोबारा गुजारिश की है कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार संबंधित सभी सबूत और सहायक सामग्री तुरंत रिलीज की जाए ताकि हम पूर्ण और व्यापक जांच कर सकें।' टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच 26 से 29 जुलाई तक गॉल में खेले गए टेस्ट मैच की पिच पर फिक्सिंग का शक का दावा किया गया है।