उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उड़ी में सेना के 12 ब्रिगेड मुख्यालय में आतंकी हमले में शहीद रवि पाल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सारबा (रामगढ़) पहुंचा तो गांव समेत आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
10 डोगरा रेजिमेंट के हवलदार शहीद रवि पाल के पार्थिव शरीर को सोमवार को उनके पैतृक गांव सारबा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके घर पहुंचा तो उनकी मां, पत्नी समेत परिवार के सभी लोग लिपटकर रोने लगे।
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शहीद रवि पॉल
- फोटो : Amar Ujala
शहीद रवि पॉल की पत्नी गीता देवी पति का पार्थिव शरीर देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। गांवों के महिलाओं ने उन्हें किसी तरह संभाला। उनके दोनों बेटों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
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रवि पॉल
- फोटो : Amar Ujala
विभिन्न सियासी दलों के नेताओं और संगठनों के लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पहले विजयपुर बाजार से होते हुए जब पार्थिव शरीर को गांव ले जाया जा रहा था तो स्थानीय महिलाओं और विभिन्न संगठनों के लोगों ने वाहन को रोककर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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रवि पाल
- फोटो : Amar Ujala
रवि पाल 22 वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने दसवीं की पढ़ाई रामगढ़ के स्कूल में ही की थी। रवि पाल के दोस्तों ने बताया कि देश भक्ति की भावना उनमें बचपन से ही थी। वह दोस्तों के बीच सेना में जाने की अक्सर बात किया करते थे। वह मिलनसार और मददगार भी थे ।
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शहीद रवि पॉल
- फोटो : Amar Ujala
उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए चारबा समेत आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। सभी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।