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एक बाप की कहानी- 'मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई, अब पत्नी को क्या मुंह दिखाऊंगा'
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Tue, 06 Jun 2017 09:17 AM IST
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नदी में डूबे यमुनानगर के दो भाई
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मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई, मैं अब पत्नी को क्या मुंह दिखाऊंगा। इस अभागे बाप की दर्दनाक कहानी सुनकर हर किसी की आंखें भर आई, आप भी जानिए।
नदी में डूबे यमुनानगर के दो भाई
घटना हरियाणा के यमुनानगर की है। गुमथला घाट पर गंगा दशहरे पर नहाने गए गांव जगुड़ी के रहने वाले दोनों सगे भाई मोहित और रोहित की नदी में डूबने से मौत हो गई। दोनों के शवों को नहर से निकाल लिया गया। मोहित का शव डूबने के दस मिनट बाद ही बाहर निकाल लिया गया था वहीं रोहित का शव शाम करीब सात बजे नदी से मिला।
नदी में डूबे यमुनानगर के दो भाई
बेटों की मौत के बाद उनके पिता बलवंत ने बताया कि वह सुबह खेत जोतकर घर आया था। मन में विचार आया गंगा दशहरे पर माथा टेककर आएं। आज तक कभी माथा टेकने वहां गया नहीं था।पत्नी को कहा तो जवाब दिया कि आज तक वहां पर गए नहीं फिर आज क्यों जा रहे हैं। कहने पर पत्नी तैयार हो गई और बेटे रोहित (18) को लेकर कार में गुमथला घाट पर पहुंच गए।
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नदी में डूबे यमुनानगर के दो भाई
वहां पहले ही छोटा बेटा मोहित (17) गया था। वह स्कूल की छुट्टियों में बुआ के घर गया था। इतना कहते ही जगुड़ी के रहने वाले बलवंत सिंह का गला भर जाता है और वह आगे कुछ नहीं बोल पाता। कुछ देर चुप रहने के बाद रोते हुए कहता है कि उसकी दुनिया उजड़ गई। दो बेटे ही थे और वे भी नहीं रहे। पत्नी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहा, क्योंकि उससे झूठ बोला है कि उनकी हालत ठीक है।
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नदी में डूबे यमुनानगर के दो भाई
मृतक रोहित मोहित के बुआ के बेटे नरेंद्रपाल ने बताया कि रोहित मोहित को तैरना नहीं आता था। उनके साथ उसकी मौसी का बेटा पिंजौर का रहने वाला हिमांशु भी था। उसे भी तैरना नहीं आता था। वे यमुना नदी में नहाने के बाद वापस आने लगे तो अस्थाई पुल से मोहित का पैर स्लिप हो गया और वह पानी में जा गिरा। उसे बचाने के लिए रोहित आगे गया तो वह भी पानी में गिर गया। इसके बाद हिमांशु भी बाल-बाल बचा।