क्या आप जानते हैं कि पंजाब में एक ऐसा गांव है, जहां कुत्तों के नाम पर करोड़ों की जमीन हैं। इन्हें भगवान की तरह पूजा जाता है। देखिए, पूरी कहानी। ये गांव है, पंजाब के पटियाला जिले का गांव खानपुर। ये गांव राजपुरा से कुछ दूरी पर पटियाला-चंडीगढ़ रोड पर। यहां दशकों से कुत्तों की पूजा होती आ रही है।
गांव खानपुर के लगभग 800 परिवारों को कुत्तों में सिर्फ भगवान नजर आता है, बल्कि वे तब तक खाना नहीं खाते जब तक कुत्ते भोग लगा लें। ये कोई आम कुत्ते नहीं, बल्कि करोड़ों की जायदाद के मालिक हैं। यहां कुत्तों का राज चलता है। लगभग 160 बीघे जमीन यहां रहने वाले कुत्तों के नाम पर है।
डेरे में भगवान शिव का मंदिर है। कुत्तों को मिस्सी रोटी, लस्सी समेत दूसरे व्यंजनों का भोग लगाता है। महंत डेरे के चबूतरे पर खड़े होकर आयो..आयो की आवाज लगाते हैं।
महंत समेत किसी भी व्यक्ति को दिन के 3 टाइम कुत्तों को भोग लगाने से पहले कुछ भी खाने की इजाजत नहीं है।
देखते ही देखते दूरदराज बैठे कुत्तों का झुंड वहां इक्ट्ठा हो जाता है। महंत हाथों से इन्हें भोग लगाते है। उसके श्रद्धालुओं को लंगर बांटा जाता है। सुबह शाम इनकी आरती की जाती है। दर्जनों गांवों के लोग कुत्तों से मन्नत मांगने आते है। लोग घरों से कुत्तों के लिए कई व्यंजन बनाकर लाते है। कुत्तों के नाम पर जमीन ठेके पर है। कमाई का पैसा डेरे के सुधार कुत्तों की सेवा पर लगता है।
पटियाला के संस्थापक बाबा आला को जब उक्त डेरे में गद्दीनशीन बाबा भगवान गिरी जी की महानता का पता चला तो उन्होंने बाबा को डेरे के आस पास कई हजार एकड़ जमीन दान में देनी चाही, बाबा ने खुद अपने नाम पर जमीन लेने की बजाय बेजुबान कुत्तों के नाम पर जमीन करने को कहा। तबसे जमीन कुत्तों के नाम पर ही है। डेरे के साथ कुत्तों के नाम पर ये है करीब 160 बीघे जमीन। जो करोड़ों की है।