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इस शख्स ने अकेले किया ऐसा काम, अब मिलने जा रहा पद्मश्री अवार्ड

Thu, 26 Jan 2017 12:13 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Jan 2017 12:13 AM IST
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This man has done great work alone, now he will get the Padma Shri Award...
संत बलबीर सिंह सीचेवाल
एक शख्स ने अकेले दम पर ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसके लिए उन्हें पद्मश्री अवार्ड मिलने जा रहा है। जानिए इसकी पूरी कहानी।
This man has done great work alone, now he will get the Padma Shri Award...
संत बलबीर सिंह सीचेवाल

नमामिगंगे का मॉडल देने वाले सीचेवाल के संत बलबीर सिंह को भारत सरकार की ओर से पद्मश्री मिलने जा रहा है। बलबीर सिंह सीचेवाल के कारनामे की कहानी बेहद रोचक और मशहूर है। इसे जानकर आप भी इन्हें सलाम करेंगे।

This man has done great work alone, now he will get the Padma Shri Award...
संत बलबीर सिंह सीचेवाल

लेकिन इकलौते शख्स की मेहनत ने पूरी तस्वीर ही बदल दी। यह शख्स थे संत बलबीर सिंह सीचेवाल। सीचेवाल अपने हाथों से कार सेवा करने में यकीन रखते हैं और उनकी सेवा किसी से भी छिपी नहीं है।  टाईम पत्रिका ने कभी पंजाब की प्रदूषित काली बेई नदी को साफ करने का अभियान चलाने वाले बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को दुनिया भर से चुने गए 30 हीरोज आफ एन्वायरनमेंट या दुनिया के पर्यावरण नायक में शामिल किया था। 

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This man has done great work alone, now he will get the Padma Shri Award...
संत बलबीर सिंह सीचेवाल

दरअसल पंजाब के होशियारपुर में एक बेहद प्रदूषित नदी बहती थी। इसके पानी की हालत यह थी कि लोग इसमें नहाना तो दूर कई गांवों के लोग कूड़ा फेंकते थे।बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल ने अकेले ही अपने दम पर बगैर किसी की मदद के काली बीन नदी को लेकर बड़ा कारनाम किया। इस नदी में छह से ज्यादा नगरों और 40 गाँवों के लोग कूड़ा डालते थे और नालियों का गंदा पानी इसमें मिलाया जाता था। इससे यह एक गंदे नाले में बदल गई थी। नतीजतन आस-पास के खेतों को पानी नहीं मिल पाता था। 

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संत बलबीर सिंह सीचेवाल

बलबीर सिंह सीचेवाल और उनके साथियों ने इसकी सफाई के लिए अभियान छेड़ा। पहले तो लोग उनका मजाक उड़ाते रहे मगर धुन के पक्के बलबीर ने किसी की परवाह नहीं की। धीरे धीरे लोग खुद उनके साथ जुड़ते गए। जिस नदी के किनारे खड़े होने पर लोगोंको नाक पर रुमाल रखना पड़ता था, अब उसी नदी के किनारे लोग पिक्निक मनाते हैं। 

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