'मुलायम' यादों को साझा किया हंसराज हंस ने
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के 75वें जन्मदिन समारोह में प्रस्तुति देकर लौटे हंसराज हंस चंडीगढ़ में थे।
'मुलायम' यादों को साझा किया हंसराज हंस ने
बताया जा रहा है कि हंस को उनकी प्रस्तुति के लिए 11.75 लाख रुपए का पारिश्रमिक दिया गया। यहां उन्होंने अपनी गायकी से लोगों को मुरीद बना लिया।
'मुलायम' यादों को साझा किया हंसराज हंस ने
सूफी गायक ने माना कि फकीरी तो उन्हें हालात ने बख्शी है और रब ने उन्हें जो दिया उसे उन्होंने कबूल किया। कार्यक्रम में पंजाबी सिंगर ने कव्वाली, सूफी से लेकर गजल तक पेश कीं।
'मुलायम' यादों को साझा किया हंसराज हंस ने
इस मौके पर उन्होंने लोगों के साथ अपने बचपन से सिंगर बनने तक के संघर्ष को साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को समर्पित सूफी गीत से की।
'मुलायम' यादों को साझा किया हंसराज हंस ने
इसके बाद उन्होंने ‘ये जो सिली सिली आंदी है हवा’, नीत खैर मंगा सोनेया मैं तेरी... जैसे चर्चित गीतों से समा बांधा।