अगर कुछ करने का जज्बा है तो कोई भी कठिनाई आपकी सफलता में आड़े नहीं आएगी। यह बात एकदम सटीक बैठती है हॉकी खिलाड़ी मनीषा तंवर पर। मनीषा के पिता मनोज मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। मगर इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मनीषा हॉकी में अपना व अपने परिजनों का नाम रोशन कर रही है। मनीषा अपने चार साल के करियर में दो बार स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में न सिर्फ भाग ले चुकी है, बल्कि दोनों बार हरियाणा को सोना दिला चुकी है।
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जूनियर हॉकी महिला चैंपियनशिप।
बड़ी बहन को देखकर खेलना किया शुरू
भिवानी के तिगड़ाना गांव की मनीषा ने बताया कि उसकी बहन किरण हॉकी खेलती थी। उसने भी एक बार स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में भाग लिया था। अब उसकी बहन की शादी हो चुकी है। उसने अपनी बहन को देखकर ही हॉकी खेलना शुरू किया। शुरुआत में वह गांव में अभ्यास करती थी। इसके बाद उसने भिवानी के भीम स्टेडियम में अभ्यास करना शुरू कर दिया। करीब डेढ़ साल पहले उसका दाखिला हिसार के साई सेंटर में हो गया। अब वह यही रहकर अभ्यास कर रही है।
मनीषा के मुताबिक उसने वर्ष 2016-17 में पहला स्कूली नेशनल (अंडर-14) खेला था। इस दौरान उनकी टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उसने साल 2018-19 (अंडर-14) में भी इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। इस साल भी उसकी टीम ने सोना जीता। वह टीम में सेंटर हाफ पॉजिशन पर खेलती है। महिला वर्ग में उसकी पसंदीदा खिलाड़ी पूनम मलिक व पुरुष वर्ग में मनप्रीत है। वह सीनियर टीम में शामिल होकर देश के लिए खेलना चाहती है।
पिता खेत में तो बेटी मैदान पर बहा रही पसीना
हिसार जिले के गांव उमरा की पिंकी जांगड़ा हॉकी में अपने परिवार का नाम चमका रही है। पिंकी ने बताया कि उसने पांच साल पहले हॉकी खिलाड़ी पूनम मलिक को देखकर हॉकी खेलना शुरू किया। उसने वर्ष 2017-18 में पहला स्कूली नेशनल खेला था, जिसमें उसकी टीम ने रजत पदक जीता था।
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जूनियर हॉकी महिला चैंपियनशिप।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं वर्ष 2018-19 में सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में भाग लिया था, जिसमें उनकी टीम ने सोना जीता था। पिंकी ने बताया कि वह टीम में फॉरवर्ड पॉजिशन पर खेलती है। अब वह जनवरी में होने वाली खेलो इंडिया प्रतियोगिता में प्रदेश की अंडर-17 की टीम में खेलेगी। वह साई के हिसार सेंटर में अभ्यास करती है।