हॉकी खेल से जो सम्मान मिला है उसे मैं लब्जों में बयान नहीं कर सकती। मैंने मेहनत की और आज मैं भारतीय टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रही हूं। मेरे पिता हर समय मुझे हौसला देते थे ताकि मैं अपने खेल पर फोकस कर सकूं। यह कहना है हरियाणा के सिरसा जिले के जोधका गांव की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया का। उन्होंने बताया कि छठी कक्षा में हॉकी स्टिक को पकड़ा था। उस समय हॉकी स्टिक उनके कंधे तक आती थी। सन् 2004 में उन्होंने सिरसा के महाराजा अग्रसेन स्कूल में कोचिंग शुरू की। स्कूल में खेल गतिविधियों में सविता पूनिया की फुर्ती देखकर अध्यापक दीपचंद ने उनके पिता महेंद्र पूनिया से हॉकी नर्सरी में नाम दर्ज करवाने की बात कही थी। उस समय अभिभावकों का बेटियों को खेलकूद के क्षेत्र में भेजने का रुझान नहीं था लेकिन पिता ने हॉकी की कोचिंग दिलवाने पर सहमति जताई।
Tokyo Olympic 2021: पिता ने कहा था- गांव की बेटियों को विदेश कौन ले जाएगा, अब टोक्यो ओलंपिक में खेलेगी बेटी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 23 Jul 2021 06:22 PM IST
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