फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pics: पिता कार चलाने से करते थे मना, बन गईं पायलट लेकिन घट गई अनहोनी

Fri, 28 Apr 2017 05:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा) Updated Fri, 28 Apr 2017 05:29 PM IST
विज्ञापन
story of haryna daughter pilot himani kalyani
हिमानी की मौत से पसरा पूरे गांव में मातम
हिमानी कल्याण को बचपन से कार चलाने का शौक था, जबकि उसके पिता उसे कार चलाने से मना करते थे। अपनी जिद से पायलट बन गईं। पढ़िए हिमानी की प्रेरणा भरी कहानी...
story of haryna daughter pilot himani kalyani
हिमानी की मौत से पसरा पूरे गांव में मातम
महाराष्ट्र में गोंदिया के बिरसी हवाई पट्टी से उड़ान भरकर मध्यप्रदेश के बालाघाट के खैरलांजी में बाणगंगा नदी में 26 अप्रैल को क्रैश हुए एयरक्राफ्ट हादसे में मृतक ट्रेनी कामर्शियल पायलट हिमानी कल्याण (24) का शव जैसे ही उसके पैतृक गांव कुटेल में पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम हो गई। ग्रामीण बुधवार से शव के इंतजार में थे। वीरवार दोपहर को हिमानी का शव गांव में पहुंचा तो सन्नाटा पसर गया। 
story of haryna daughter pilot himani kalyani
Himani Kalyan
हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि एक बेटी का सपना पूरा होने से पहले बेटी ही एक सपना बन गई। बता दें कि हिमानी ने 199 घंटे हवाई प्रशिक्षण के पूरे कर लिये थे, मात्र एक घंटा बाकी था, यह हिमानी के लिए ट्रेनिंग की आखिरी उड़ान थी, लेकिन लाइसेंस मिलने से एक घंटे पहले ही हिमानी की जिंदगी की आखिरी उड़ान बन गई। वहीं, ट्रेनी पायलट के परिवार की महिलाएं रोते-रोते यही बोलती रही कि उनकी बेटी ने अभी तक नाम कमाया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
story of haryna daughter pilot himani kalyani
Himani Kalyan
महिलाओं का कहना था कि बेटी हिमानी ने छोटी सी उम्र में बड़ा काम कर दिया। अगर एक घंटे की उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हो जाती तो हिमानी पायलट बन जाती। जबकि भगवान को यह मंजूर नहीं था, बेटी की उड़ान पूरी होने से पहले बेटी जिंदगी से ही उड़ान भर गई। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के गोदियां के बिरसी हवाई पट्टी से बुधवार सुबह नौ बजे हिमानी कल्याण ने अपने ट्रेनर पायलेट रंजन गुप्ता के साथ उड़ान भरी थी। 
विज्ञापन
story of haryna daughter pilot himani kalyani
Himani Kalyan
हिमानी महाराष्ट्र गोंदिया स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एविएशन ट्रेनिंग एंड मैनेजमेंट से कामर्शियल पायलट की दो साल से ट्रेनिंग ले रही थी और यह उसकी ट्रेनिंग की आखिरी उड़ान थी। उड़ान भरने के लगभग 55 मिनट बाद ही उनका एटीसी से संपर्क टूट गया और मध्यप्रदेश स्थित बालाघाट से 65 किलोमीटर दूर लावनी और महाराष्ट्र के देवरी गांव के बीच ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट बाणगंगा नदी में क्रैश हो गया। इसमें उसकी मौत हो गई। हिमानी का जन्म गांव कुटेल में हुआ था। इसके बाद हिमानी के पिता गुरदयाल अपने परिवार के साथ लगभग दो दशक से दिल्ली में रह रहे थे, लेकिन उनके बड़े भाई जसमेर व कृपाल सिंह गांव कुटेल में ही रह रहे है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed