सिख गुरुद्वारा (संशोधन) बिल 2016 संसद के दोनों सदनों में पारित होने पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पंजाब कांग्रेस के प्रधान कैप्टन अमरेंदर सिंह समेत बड़े नेताओं अपने-अपने नजरिए से बड़ा बयान दिया। देखिए तस्वीरों में
सिख गुरुद्वारा (संशोधन) बिल संसद में पारित, पंजाबी नेताओं के बड़े बोल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिख गुरुद्वारा (संशोधन) बिल 2016 संसद के दोनों सदनों में पारित होने पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने खुशी जताई है। मुख्यमंत्री ने इसे सिखों के लिए ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों ने गुरुद्वारा एक्ट संशोधित बिल को पारित कर सिखों की भावनाओं का आदर किया है। वास्तव में यह हर सिख के लिए गौरव की बात है। सिख जगत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार का शुक्रिया अदा करता है। बादल ने कहा कि वह केंद्र सरकार, संसद और प्रत्येक व्यक्ति को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने बिल को पारित करवाने में योगदान किया।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एसजीपीसी एक्ट में संशोधन कर सहजधारी सिखों के वोट देने पर रोक लगाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इससे साफ तौर पर हजारों सिखों के लिए दरवाजे बंद होंगे, समाज बंटेगा। कैप्टन ने इसे भी अकालियों द्वारा पंजाबी राज्य की मांग की तरह बताया, जो आखिर में पंजाब को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटते हुए पूरी हुई। उसी तरह का फॉर्मूला अब अकाली एसजीपीसी पर कंट्रोल कायम करने को अपना रहे हैं। एसजीपीसी ऐसा रास्ता अपनाने के बजाय अपनी ऊर्जा युवाओं की तरक्की में लगा सकती है। कैप्टन ने दोहराया कि सिखवाद केसिद्धांतों पर विश्वास करने वाले हर सिख को एसजीपीसी चुनाव में वोट देने का अधिकार होना चाहिए, लेकिन अफसोसजनक है कि समाज के बड़े हिस्से को वोट के अधिकार से वंचित करने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल के इशारे पर की गई यह बड़ी गलती है, जिसके गंभीर नतीजे सामने आ सकते हैं।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन को सिख जगत की एक बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे सिखी के प्रति लोगों का झुकाव और बढ़ेगा। कांग्रेस और आप के सांसदों की ओर से संसद में बिल का विरोध किए जाने पर मक्कड़ ने कहा कि किसी व्यक्ति को किसी धर्म के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। क्योंकि धर्म के साथ उनकी भावनाएं जुड़ी होती हैं। किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप की ओर से सिख विरोधी स्टैंड लेकर पूरी दुनिया में सिख समुदाय के जज्बातों के साथ खेलने की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सिखों को इस बात से दुख पहुंचा है कि आप ने ऐसी पार्टी के साथ सांठगांठ की, जिसने श्री हरमंदिर साहिब में टैंकों से हमला करवाया था। इसके साथ ही दिल्ली में सिखों के कत्लेआम की जिम्मेदार है। खुद को सिखों की हिमायत बताने वाली पार्टी की ऐसी करतूत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सिख कभी भी बाहरी तत्वों के साथ मिलकर गुरुद्वारों में कब्जा करने की आप और कांग्रेस की साजिश को पूरा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि 2003 की एनडीए सरकार ने एक्ट में संशोधन कर सहजधारी सिखों को गुरुद्वारा चुनाव में वोट डालने से वंचित कर दिया था, लेकिन यूपीए सरकार ने सिखों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए उसे बाद में बदल दिया।