फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कारगिल युद्ध के इस 'हीरो' के नाम से कांपता था दुश्मन, यहां से खास कनेक्शन जानिए

Thu, 27 Jul 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 27 Jul 2017 09:25 AM IST
विज्ञापन
shaurya diwas 2017, kargil war hero vikram batra connection with chandigarh
कैप्टन विक्रम बत्रा
हम आपको सुना रहे हैं कारगिल युद्ध के उस 'हीरो' की कहानी, जिसमे नाम से दुश्मन कांपता था। इस परमवीर का एक जगह से खास कनेक्शन रहा, जो भुलाये नहीं भूलता कभी।
shaurya diwas 2017, kargil war hero vikram batra connection with chandigarh
कैप्टन विक्रम बत्रा - फोटो : File Photo
सिर्फ 22 वर्ष की उम्र में कारगिल के महत्वपूर्ण बिंदु (प्वाइंट) को जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा अब भी अपने साथियों के दिलों में जिंदा हैं। जोश से भरे इस शहीद की शहादत को एक दशक बीत गया पर अब भी सिटी में उनके दोस्त उनका जिक्र सुनते ही यह जुमले दोहराते हैं ‘या तो मैं लहराते तिरंगे के पीछे आऊंगा, या तिरंगे में लिपटा हुआ आऊंगा, पर मैं आऊंगा जरूर’, ‘ये दिल मांगे मोर’।
shaurya diwas 2017, kargil war hero vikram batra connection with chandigarh
कैप्टन विक्रम बत्रा
चंडीगढ़ का डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 हो या फिर पंजाब यूनिवर्सिटी का एमए अंग्रेजी विभाग या फिर सेक्टर-17 का एक सैलून। शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा यहां हीरो हैं। हों भी क्यों न, एक जीत के बाद वह चिल्लाते थे...ये दिल मांगे मोर। परमवीर चक्र शहीद कैप्टन के पिता गिरधारी लाल बत्रा बताते हैं कि विक्रम की बात एकदम अलग थी। उनका चयन आर्मी से पहले मर्चेंट नेवी में हो गया था। उनका हांगकांग में हेडक्वार्टर था।
विज्ञापन
विज्ञापन
shaurya diwas 2017, kargil war hero vikram batra connection with chandigarh
कैप्टन विक्रम बत्रा
शहीद कैप्टन के पिता बताते हैं कि नेवी में काफी अच्छी तनख्वाह थी, लेकिन बेटे ने उस नौकरी को ठुकरा दिया, अपनी मां से बोले, मम्मी मुझको देश के लिए कुछ करना है। शहीद के पिता ने बताया कि विक्रम नेताजी सुभाष चंद्र बोस और चंद्रशेखर आजाद से प्रभावित थे और उन्होंने देश सेवा के लिए आर्मी में कमीशन लिया। उनके दूसरे बेटे विशाल बत्रा चंडीगढ़ में ही जॉब करते हैं। उनको सेना द्वारा कारगिल दिवस पर द्रास में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम में बुलाया गया है।
विज्ञापन
shaurya diwas 2017, kargil war hero vikram batra connection with chandigarh
कैप्टन विक्रम बत्रा
डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 के रविंदर चौधरी ने कहा कि विक्रम उनके यूथ क्लब में बैडमिंटन खेलने आते थे। उस दौरान उनका अंदाज ही अलग लगता था। विक्रम बत्रा के पिता कहते हैं कि ऐसा लगता है कि पाकिस्तान को कश्मीर का ट्यूमर हो चुका है। इसकी सर्जरी जरूरी है। हमारे जवान रोजाना मरते हैं। अब जरूरी है कि इसका ऑपरेशन कर दिया जाए। जैसा ऑपरेशन भारत ने पहले किया था, उसी तरह का दोबारा किया जाना चाहिए।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed