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स्मृति विशेषः बाबा हरदेव के निधन पर संभाली थी गद्दी, 25 महीने बाद खुद ही छोड़ दी
Mon, 06 Aug 2018 11:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 06 Aug 2018 11:24 AM IST
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सविंदर हरदेव
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संत निरंकारी मिशन के बाबा हरदेव सिंह के निधन के बाद गद्दी संभाली थी, 25 महीने बाद खुद ही छोड़ दी और आज वे भी इस दुनिया को छोड़कर चली गईं। मिशन के लाखों करोड़ों अनुयायी शोकग्रस्त हैं।
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माता सविंदर कौर
- फोटो : अमर उजाला
मिशन की पांचवी प्रमुख माता सविंदर हरदेव ब्रह्मलीन हो गई हैं। 5 अगस्त 2018 को दिल्ली में बुराड़ी स्थित निरंकारी भवन में उन्होंने आखिरी सांस ली। वे पिछले काफी समय से बीमार थीं, इसलिए 17 जुलाई को उन्होंने गद्दी छोड़ दी और अपनी बेटी सुदीक्षा को छठा प्रमुख बना दिया।
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बाबा हरदेव सिंह निरंकारी मिशन
- फोटो : फाइल फोटो
मई 2016 में बाबा हरदेव सिंह के निधन से निरंकारी मिशन के अनुयायियों को सदमा लगा, तो माता सविंदर कौर बाबा के सपनों को पूरा करने के लिए गद्दी संभाली थी। उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए माता ने मिशन को आगे बढ़ाया, लेकिन अचानक लिए गए उनके एक फैसले ने अनुयायियों को फिर निराश कर दिया।
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बाबा हरदेव सिंह निरंकारी मिशन
- फोटो : फाइल फोटो
मिशन की पहली महिला प्रमुख बनने के 25 महीने बाद खुद ही गद्दी त्यागने का ऐलान कर दिया। वजह ये कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था, काफी समय से बीमार चल रही थीं। अब मिशन की जिम्मेदारी आई 13 मार्च, 1985 को दिल्ली में जन्मी बाबा और सविंदर हरदेव की सबसे छोटी बेटी सुदीक्षा पर।
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बाबा हरदेव सिंह निरंकारी मिशन
- फोटो : फाइल फोटो
मनोविज्ञान में ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन कर चुकीं माता सुदीक्षा मिशन के कार्यों से लगातार जुड़ी हुई हैं। दिसंबर 2016 से वह विदेश विभाग की बतौर इंचार्ज रहीं। तब से वह 60 से अधिक देशों में मिशन की गतिविधियों का मार्गदर्शन करती आ रही हैं। इनकी बहनें समता और रेणुका भी मिशन के साथ कार्यरत हैं।
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