उस भयानक दर्दभरे मंजर के बाद जब ढाई महीने बाद शीशे में अपना चेहरा देखा तो लगा कि मर जाती तो बेहतर होता, पढ़िए एसिड अटैक पीड़िता रीतू सैनी की कहानी।
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एसिड अटैक पीड़िता रितू सैनी
यह दर्द भरी कहानी रोहतक के प्रेम नगर निवासी एसिड अटैक पीड़िता रितू सैनी की है। रितू सैनी न केवल मौत के मुंह से निकली, बल्कि एसिड अटैक की शिकार दूसरी बेटियों और बहनों को जीने की राह सिखा रही हैं। 26 मई 2011 का वह दिन रितू आज तक नहीं भूली है। सपनों को पूरा करने के लिए वह घर से प्रैक्टिस के लिए निकली थी। रितू जैसे ही प्रेम नगर चौक पर पहुंची तो पहले से ही बाइक पर सवार घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया।
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एसिड अटैक पीड़िता रितू सैनी
इस घिनौने कृत्य को करवाने वाला रितू के बुआ का बेटा रामनिवास दूर से कार में बैठकर देख रहा था। हालांकि आज मामले में रामनिवास सहित तीन दोषी उम्रकैद और दो दस साल की सजा भुगत रहे है। रितू अप्रैल 2017 में घर आई थी। उसके माता पिता और भाई -बहन यहां रहते हैं। बता दें कि रितू वालीबॉल में राज्य स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है।
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एसिड अटैक पीड़िता रितू सैनी
रितू ने बताया कि जिस दिन उस पर अटैक हुआ तो आंखों के सामने अंधेरा छा गया। सब कुछ धुंधला नजर आ रहा था। पहले लगा किसी ने पानी डाल दिया। जब हाथ पर पड़े छींटों की जगह त्वचा झुलसकर काली होने लगी तो घबरा गई। साथ में चल रहे भाई ने रितू से पूछा कि यह क्या हो गया। मगर बहन के 90 प्रतिशत झुलस चुके चेहरे को देखकर भाई के मुंह से एक ही बात निकली। घबरा मत हम तेरे साथ हैं, तू ठीक हो जाएगी।
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एसिड अटैक पीड़िता रितू सैनी
रितू के अब तक 13 ऑपरेशन हो चुके हैं। दो पीजीआईएमएस रोहतक और 11 दिल्ली के निजी अस्पताल में हुए हैं। यह सिलसिला जारी है। रितू ने बताया कि उसके चेहरे में 90 प्रतिशत रिकवरी हो चुकी है। जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में 30 प्रतिशत की रिकवरी हो चुकी है। रितू का कहना है कि उसके इलाज का खर्चा हरियाणा सरकार की तरफ से उठाया जा रहा है।