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रेवाड़ी गैंगरेपः कौन हैं क्या करते हैं तीनों आरोपी, सामने आई 5 ऐसी बातें, जानकर कहेंगे- शर्म करो
मनीष कुमार, अमर उजाला, रेवाड़ी/कनीना (हरियाणा)
Updated Tue, 18 Sep 2018 09:26 AM IST
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रेवाड़ी गैंगरेप
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बहुचर्चित रेवाड़ी गैंगरेप केस में तीनों आरोपियों पंकज, नीशू और मनीष को लेकर ऐसी-ऐसी बातें पता चली हैं, जिन्हें जानकर आप भी कहेंगे कि शर्म आनी चाहिए।
रेवाड़ी गैंगरेप
हरियाणा के रेवाड़ी में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित छात्रा के साथ गैंगरेप मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों में से एक आरोपी नीशू को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटनास्थल कोठड़े के मालिक दीनदयाल और हालत खराब होने पर पीड़िता का इलाज करने पहुंचे डॉक्टर को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। मामले की जांच कर रही एसआईटी चीफ नाजनीन भसीन ने प्रेस कांफ्रेंस करके इसकी जानकारी दी। अभी अन्य दो आरोपी पकड़े नहीं गए हैं, उसके लिए छापेमारी की जा रही है।
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एसआईटी के मुताबिक, वारदात योजना बनाकर अंजाम दी गई। हैरानी की बात ये है कि तीनों आरोपी पीड़िता और उसके परिजनों के जानकार हैं। आरोपी पंकज को डेढ़ साल पहले पीड़िता के पिता की बदौलत ही सेना में नौकरी मिली थी और उसने उसी की बेटी की इज्जत तार-तार कर दी। जब पंकज को सेना की नौकरी मिली थी तो उसने पीड़िता के पिता को गुरु मानकर सम्मानित भी किया था। इसके बाद ही उसका पीड़िता के घर आना-जाना हो गया।
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इसी जानकारी का फायदा उठाकर वह छात्रा को कनीना से अपने साथ ले आया। पहले से परिचय होने की वजह से पीड़िता ने उस पर विश्वास किया। लेकिन पंकज ने उसके साथ विश्वासघात किया। वारदात को लेकर गांव का हर व्यक्ति नाराज है। जानकारी के अनुसार, तीन साल पहले पंकज के पिता की मौत हो गई थी। पंकज कबड्डी का अच्छा खिलाड़ी है और पढ़ाई के साथ ही पीड़ित छात्रा के पिता उसे प्रैक्टिस कराते थे।
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पता चला है कि पीड़ित छात्रा के पिता गांव में युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते हैं। पंकज जब उनके संपर्क में आया तो उसको कबड्डी का बेहतरीन खिलाड़ी बना दिया। इसके बाद पंकज ने राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन किया। इसी के चलते सेना में उसे खेल कोटे से डेढ़ साल पहले नौकरी मिली। इसके बाद पंकज ने पीड़िता के पिता को पंचायत की मौजूदगी में सम्मानित करते हुए आशीर्वाद लिया।