{"_id":"5b308be54f1c1b53268b7d15","slug":"red-snake-found-in-chandigarh-dangerous-snakes-in-india","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अजूबा सांप, न देखा होगा न सुना होगा...ये खबर पढ़ लेंगे तो बचाव कर सकेंगे, वरना पछताएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अजूबा सांप, न देखा होगा न सुना होगा...ये खबर पढ़ लेंगे तो बचाव कर सकेंगे, वरना पछताएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Jun 2018 09:47 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ में मिला दुलर्भ सांप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कई तरह के सांप देखे होंगे, लेकिन इस अजूबे सांप को न कभी देखा होगा और न सुना होगा। ये खबर पढ़ लेंगे तो बचाव कर सकेंगे। लेकिन अगर आप सांप को देखेंगे तो सोच में पड़ जाएंगे कि दुनिया में जीव जंतुओं की इतनी अनोखी दुनिया भी है।
सांप
चंडीगढ़ सेक्टर 38 में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक उड़ने वाले सांप की अफवाह फैली। यह सांप देखने में काफी अजीब था और लोग उसे देखने के लिए पहुंच रहे थे। पुलिस और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को इसकी सूचना दी गई। बताया गया कि दक्षिण मार्ग पर लगे पेड़ों पर एक सांप है, जो एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर उड़कर जा रहा है। इस सूचना पर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को यकीन नहीं हुआ क्योंकि इस प्रजाति के सांप फिलहाल भारत में नहीं हैं।
सांप
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों की भारी भीड़ जमा थी। सबके सब पेड़ की ओर देख रहे थे। सांप पेड़ की सबसे ऊंची टहनी पर लिपटा हुआ था। पर सांप को देखते ही कर्मचारी पहचान गए कि सांप रेड स्नैक (घोड़ा पछाड़) है, लेकिन पेड़ की ऊंची टहनी तक पहुंच पाना उनके लिए मुश्किल था। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर बुलाया गया। वहीं, दूसरी तरफ भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांप
सांप को गिराने के लिए पानी की बौछार
सांप को नीचे लाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी की बौछार कर दी मगर अपने नाम के मुताबिक घोड़ा पछाड़ एक पल में दूसरे पेड़ पर पहुंच गया। दूसरे पर बौछार मारी गई तो वह तीसरे पेड़ पर पहुंच गया। तीसरे से चौथे। ऐसे में कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी में करीब एक से डेढ़ घंटा लग गया। घोड़ा पछाड़ इतनी फुर्ती से चलता है कि एक पल में यहां, दूसरे पल में वहां। इसी को लोग समझ रहे थे कि सांप उड़ने वाले प्रजाति का है। फॉरेस्ट कर्मियों ने डंडा मारा तो वह पेड़ के तने में बने चिड़िया के घोंसले में चला गया।
सांप को नीचे लाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी की बौछार कर दी मगर अपने नाम के मुताबिक घोड़ा पछाड़ एक पल में दूसरे पेड़ पर पहुंच गया। दूसरे पर बौछार मारी गई तो वह तीसरे पेड़ पर पहुंच गया। तीसरे से चौथे। ऐसे में कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी में करीब एक से डेढ़ घंटा लग गया। घोड़ा पछाड़ इतनी फुर्ती से चलता है कि एक पल में यहां, दूसरे पल में वहां। इसी को लोग समझ रहे थे कि सांप उड़ने वाले प्रजाति का है। फॉरेस्ट कर्मियों ने डंडा मारा तो वह पेड़ के तने में बने चिड़िया के घोंसले में चला गया।
विज्ञापन
सांप
फायर ब्रिगेड की सीढ़ी पर चढ़कर पकड़ा
पेड़ के तने पर बना घोंसला भी काफी ऊंचाई पर था। वहां तक कर्मचारी नहीं पहुंच पा रहे थे। फिर फायर ब्रिगेड की सीढ़ी लगाई गई और उस पर कर्मचारी चढ़े। कर्मचारी ने घाेंसले के अंदर डंडा डाला तो सांप बाहर निकल आया और कर्मचारी ने उसे हाथ से ही पकड़ लिया। घोंसला गहरा नहीं था, इसलिए वह बाहर आ गया। उसके बाद कर्मचारियों ने उसे नेपली के जंगल में ले जाकर छोड़ दिया।
पेड़ के तने पर बना घोंसला भी काफी ऊंचाई पर था। वहां तक कर्मचारी नहीं पहुंच पा रहे थे। फिर फायर ब्रिगेड की सीढ़ी लगाई गई और उस पर कर्मचारी चढ़े। कर्मचारी ने घाेंसले के अंदर डंडा डाला तो सांप बाहर निकल आया और कर्मचारी ने उसे हाथ से ही पकड़ लिया। घोंसला गहरा नहीं था, इसलिए वह बाहर आ गया। उसके बाद कर्मचारियों ने उसे नेपली के जंगल में ले जाकर छोड़ दिया।