पंजाब में आप की सरकार बने पांच माह का समय बीत चुका है और कांग्रेस का तीसरा विकेट गिर गया है। तीसरे मंत्री विजिलेंस के शिकंजे में फंस गए हैं। हालांकि कांग्रेस सरकार में डिप्टी सीएम से लेकर कई अन्य मंत्री विजिलेंस के रडार पर हैं। पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत गिरफ्तार हो चुके हैं। दूसरे पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां भी जाल में फंसे हैं। पूर्व पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा के खिलाफ जांच चल रही है। पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा से लेकर पद्मश्री परगट सिंह भी रडार पर हैं। साधु सिंह धर्मसोत कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में जंगलात मंत्री रहे। उन पर आरोप है कि एक पेड़ कटाई के बदले 500 रुपये की रिश्वत ली। करीब साढ़े चार साल में उन्होंने सवा करोड़ इससे कमाए। उन पर आरोप हैं कि पोस्टिंग के बदले भी 5 से 20 लाख तक की रिश्वत वसूली। विजिलेंस ब्यूरो ने पहले गिरफ्तार ठेकेदार हामी और वन अधिकारी के बयान के बाद धर्मसोत को गिरफ्तार कर लिया। चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार में संगत सिंह गिलजियां को धर्मसोत की वन मंत्री बनाया गया था। उन पर आरोप है कि ट्री-गार्ड की खरीदफरोख्त में करीब सवा छह करोड़ का घोटाला किया है।
कई रडार पर: कांग्रेस नेताओं पर शिंकजा, भाजपा में जाने वालों पर नरमी, आखिर क्या है मान सरकार का एक्शन प्लान
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पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा पर भी निगाहें
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के कार्यकाल में यूपी के बाहुबली मुख्तार अंसारी को रोपड़ जेल में वीवीआईपी सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मान सरकार के रडार पर हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान को जेल मंत्री हरजोत बैंस ने रिपोर्ट सौंपी। इसमें पूर्व जेल मंत्री के अलावा जेल विभाग के कई आला अफसरों और दिल्ली से सियासी सांठगांठ का आरोप लगाया है। विस्फोट किसी भी वक्त हो सकता है। मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्तार अंसारी केवल नाम के लिए जेल में बंद था जबकि वह रोपड़ जेल में बने अफसर क्वार्टर में पूरी सुख-सुविधाओं के साथ रहता रहा। वहां उसकी पत्नी भी अक्सर आया-जाया करती थी।
परगट सिंह भी आरोपों के घेरे में
नवंबर 2021 में 8900 खिलाड़ियों को खेल किट देने की चन्नी सरकार ने मंजूरी दी थी। हर खिलाड़ी को किट के लिए 3 हजार रुपये विभाग द्वारा सीधे खाते में ट्रांसफर किए गए। यह राशि लगभग 2.67 करोड़ रुपये थी। खेल किट के लिए राशि खातों में पहुंचने के दूसरे दिन ही खेल विभाग ने खिलाड़ियों से कुछ फर्मों के नाम पर चेक और ड्राफ्ट वापस करने को कह दिया। इसके बाद जो खेल किट खिलाड़ियों को दी गईं, वह गुणवत्ता के लिहाज से बेहद खराब थीं। यह राशि चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले खिलाड़ियों के खाते में ट्रांसफर की गई। तब खेल मंत्री परगट सिंह थे। मान सरकार ने विजिलेंस जांच को हरी झंडी दे रखी है और जांच शुरू हो चुकी है।
बलबीर सिद्धू... अब भाजपा में
पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू भी आरोपों के दायरे में हैं लेकिन वह भाजपा में चले गए। उनके कार्यकाल में कोरोना के दौरान अप्रैल 2021 में 940 रुपये के हिसाब से फतेह किट खरीदी। फिर 20 अप्रैल को दूसरा टेंडर हुआ, जिसमें एक किट की कीमत 1226.40 रुपये थी। एक कंपनी को 50,000 किट का टेंडर दिया गया था। उस कंपनी के पास मेडिकल लाइसेंस भी नहीं है फिर सात मई को 1,50,000 किट खरीदी गईं, प्रति किट 1338 रुपये में खरीदी गई। सवाल उठा कि जब पहली किस्त का टेंडर कम कीमत पर उपलब्ध था और 180 दिनों के लिए वैध था तो दूसरा और तीसरा टेंडर क्यों लगाया गया ? आप नेताओं ने चुनाव से पहले हल्ला बोला था कि यह करोड़ों का घोटाला है लेकिन आप की सरकार बनते ही बलबीर सिंह सिद्धू भाजपा में चले गए। इसके बाद आप नेताओं ने चुपी साध ली।
तृप्त राजिंदर बाजवा और वड़िंग पर भी आरोप
तृप्त राजिंदर बाजवा पर चुनाव नतीजे आने के बावजूद फाइल पर साइन कर 28 करोड़ के घोटाले का आरोप है। आप सरकार के पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल का दावा है कि अमृतसर की जीटी रोड स्थित 41 एकड़ पंचायती जमीन में घोटाला हुआ। इसकी जांच विजिलेंस काफी तेजी से कर रही है।विधायक व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग पर आरोप है कि जब वह चन्नी सरकार में परिवहन मंत्री थे तो बस बॉडी बिल्डिंग के साथ-साथ 840 बसों की खरीद पर लगभग 30 करोड़ रुपये का घोटाला किया। पंजाब में बस बॉडी बिल्डिंग में लगीं दो कंपनियों की तरफ से दिए गए 8.20 लाख और 8.40 लाख रुपये प्रति बस के कम उद्धरणों की भी अनदेखी कर 840 बसों की बस बॉडी बिल्डिंग का ठेका जयपुर की एक कंपनी को 11.98 लाख रुपये प्रति बस दिया था। इससे राज्य के खजाने को प्रति बस लगभग चार लाख रुपये का नुकसान हुआ।