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प्रो रेसलिंग लीग: नियम में बड़ा बदलाव, पहलवानों की नहीं होगी नीलामी, पर तय हो गए हैं दाम
Wed, 02 Jan 2019 03:02 PM IST
Sumit kumar
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
Published by: Sumit kumar
Updated Wed, 02 Jan 2019 03:02 PM IST
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प्रो रेसलिंग लीग
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प्रो रेसलिंग लीग 2019 के लिए पहलवानों का चुना जाना बाकी है, लेकिन इस बार नीलामी करके नहीं, बल्कि एक अलग ही तरीके से रेसलरों का चयन किया जाएगा। जानिए नियम में क्या बदलाव किए गए हैं।
प्रो रेसलिंग लीग
पीडब्ल्यूएल में खेलने के लिए आवेदन करने वाले पहलवानों के दाम तय कर लिए गए हैं, लेकिन इस बार नीलामी नहीं कराई जाएगी। बल्कि ड्रॉ निकालकर टीमें बनाई जाएंगी। इसके लिए 4-5 जनवरी की तारीख तय की गई हैं। पहले से दाम तय होने के कारण उस पहलवान को चुनने वाली टीम को पैसा देना होगा। लीग में छह टीमें खेलेंगी और इन सभी में 9 पहलवानों को उतारा जाएगा। 4 भार वर्ग 53, 57, 62, 76 किलो में महिला पहलवान तो पांच भार वर्ग 57, 65, 74, 86, 125 किलो में पुरुष पहलवान होंगे।
Wrestling Championships
एक बार टीम के नाम का ड्रॉ निकलने पर एक पहलवान चुनना होगा। उसी टीम का दोबारा भी ड्रॉ निकलता है तो उसे छह टीम होने के कारण छठे नंबर पर पहलवान चुनने का मौका दिया जाएगा। जैसे- महिला पहलवान के 53 किलो भार वर्ग के लिए ड्रॉ निकाला जाता है तो जिस टीम के नाम का ड्रॉ निकलेगा, उसे 53 किलो भार वर्ग में आवेदन करने वाली एक पहलवान को चुनना होगा और उस पहलवान को पहले से तय राशि देनी होगी। इसके बाद दूसरे भार वर्ग का पहलवान चुनने के लिए उस टीम को छठे नंबर पर रखा जाएगा, क्योंकि वह सबसे पहले पहलवान नहीं चुन सकते।
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wrestling
- फोटो : amar ujala
ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि किसी एक टीम में सभी बेहतर पहलवान नहीं पहुंच सकें और सभी टीमों को संतुलित रखा जा सके। जिस तरह से पीडब्ल्यूएल में खेलने के लिए पहलवानों ने आवेदन किया है, उसको देखते हुए छह टीमों में लगभग 30 हरियाणवी पहलवानों का खेलना तय माना जा रहा है। वैसे पीडब्ल्यूएल में खेलने के लिए हरियाणा से सबसे ज्यादा पहलवानों ने आवेदन किए हैं। अभी तक सुशील कुमार ने आवेदन नहीं किया है, लेकिन टीमों में पहलवान चुने जाने से पहले तक भी कोई आवेदन करता है और उसे शामिल भी किया जाएगा।
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कुश्ती
- फोटो : amar ujala
पीडब्ल्यूएल के पिछले सीजन तक आईपीएल और प्रो कबड्डी लीग की तरह पहलवानों की खुली बोली लगती थी और सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली टीम पहलवान को अपने साथ जोड़ती थी। लेकिन इस बार पीडब्ल्यूएल के लिए नियमों में बदलाव कर दिया गया है और पीडब्ल्यूएल में खेलने के लिए आवेदन करने वाले पहलवानों के प्रदर्शन को देखते हुए पहले ही दाम तय कर दिए गए हैं।