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मास्क-सोशल डिस्टेंस के साथ कोरोना वायरस से लड़ने को ये ‘कवच’ भी जरूरी, जानें और आजमाएं
Thu, 30 Jul 2020 11:27 AM IST
खुशबू गोयल
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:27 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : ANI
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कोरोना संक्रमित मरीजों के रोज बढ़ते आंकड़े परेशान करने लगे हैं। कब कौन पॉजिटिव हो जाए, पता ही नहीं चलता। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैक्सीन नहीं आती, तब तक इसे रोक पाना मुश्किल है। ऐसे में अब मास्क लगाने, बार-बार हाथों को धोने और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कुछ और भी उपाय करने होंगे, जो इस लड़ाई में हमारे मददगार बनेंगे।
कोरोना वायरस
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके लिए ज्यादा कुछ खास नहीं करना है, बल्कि खान-पान और आदतों में थोड़ा बदलाव करना है। इन उपायों को अपनाने से फायदा यह होगा कि यदि आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ भी जाते हैं तो कोरोना को शुरुआत में कंट्रोल करने में काफी मदद मिलेगी। हालांकि यह उपाय कोविड-19 से बचने की गारंटी तो नहीं देते, लेकिन आपके शरीर को गंभीर स्थिति में जाने से जरूर रोक सकते हैं। यह उपाय तभी कारगर सिद्ध साबित होंगे, जब हम नियमित तौर पर मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। साथ ही हाथों को कुछ समय अंतराल बाद अच्छी तरह से धोते रहेंगे।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
नियमित रूप से हल्दी वाले पानी का गरारा करें
जब तक कोरोना का प्रकोप है, तब तक गले को खराब न होने दें। ठंडी चीजों का फिलहाल परहेज करें। न तो फ्रिज का पानी पीएं और न ही आइसक्रीम खाएं। गले की खराश के लिए हल्दी वाले गुनगुने पानी का गरारा करें। इससे गले के संक्रमण का काम तमाम हो जाएगा। गरारे के लिए रात का वक्त सबसे मुफीद है क्योंकि दिन भर बाहर रहने से नाक व मुंह के माध्यम से माइक्रो कण गले में जमा होते हैं। गरारा करने से ये कण खत्म होंगे।
जब तक कोरोना का प्रकोप है, तब तक गले को खराब न होने दें। ठंडी चीजों का फिलहाल परहेज करें। न तो फ्रिज का पानी पीएं और न ही आइसक्रीम खाएं। गले की खराश के लिए हल्दी वाले गुनगुने पानी का गरारा करें। इससे गले के संक्रमण का काम तमाम हो जाएगा। गरारे के लिए रात का वक्त सबसे मुफीद है क्योंकि दिन भर बाहर रहने से नाक व मुंह के माध्यम से माइक्रो कण गले में जमा होते हैं। गरारा करने से ये कण खत्म होंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
सुबह की शुरुआत ऐसे करें
जब से कोरोना शुरू हुआ है तभी से शरीर को फिट बनाने की बात चल रही है। शुरुआत सुबह की चाय से करते हैं। जो लोग चाय नहीं पीते हैं, वह कुछ दिनों के लिए गुनगुना नींबू पानी लें। यह अपनी शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाएगा, जिससे संक्रमण के खिलाफ शरीर अच्छी तरह से लड़ सकेगा। सबको पता है कि नींबू विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। जिन मरीजों में लक्षण नहीं हैं, उन्हें डाक्टरों की ओर से विटामिन सी की डोज लेने को कहा जा रहा है। यदि आप चाय पीते हैं तो सुबह की चाय को थोड़ा ट्विस्ट दें। उसमें अदरक, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और इलायची डालकर पीएं। अब उनकी बात, जो सुबह-सुबह ठंडा दूध या कोल्ड काफी पीते हैं। ऐसे लोग कुछ दिनों के लिए दूध में हल्दी डालकर पीएं। यह भी शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है।
जब से कोरोना शुरू हुआ है तभी से शरीर को फिट बनाने की बात चल रही है। शुरुआत सुबह की चाय से करते हैं। जो लोग चाय नहीं पीते हैं, वह कुछ दिनों के लिए गुनगुना नींबू पानी लें। यह अपनी शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाएगा, जिससे संक्रमण के खिलाफ शरीर अच्छी तरह से लड़ सकेगा। सबको पता है कि नींबू विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। जिन मरीजों में लक्षण नहीं हैं, उन्हें डाक्टरों की ओर से विटामिन सी की डोज लेने को कहा जा रहा है। यदि आप चाय पीते हैं तो सुबह की चाय को थोड़ा ट्विस्ट दें। उसमें अदरक, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और इलायची डालकर पीएं। अब उनकी बात, जो सुबह-सुबह ठंडा दूध या कोल्ड काफी पीते हैं। ऐसे लोग कुछ दिनों के लिए दूध में हल्दी डालकर पीएं। यह भी शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
विटामिड डी की कमी न होने दें
कोरोना वायरस से संबंधित कई रिसर्च ने साबित किया है कि कोरोना वायरस से लड़ने में विटामिन डी का अहम रोल है। विटामिन डी शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के साथ इम्यून सिस्टम, कोशिकाओं की वृद्धि और सूजन को कम करने में मदद करता है। कोरोना वायरस के संपर्क में आने से शरीर के अंदरूनी अंगों में सूजन बढ़ जाती है। ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस ने भी माना है कि महामारी के दौर में लोगों को हर दिन 10 माइक्रोग्राम विटामिन डी लेनी चाहिए। विटामिन डी का अच्छा स्रोत धूप है लेकिन यह संभव नहीं है क्योंकि लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं। विटामिन डी मछली, अंडा और अनाज में भी होता है, मगर इससे पूर्ति हो पाना संभव नहीं हो पाता इसलिए विटामिन डी का सप्लीमेंट ले सकते हैं, लेकिन इसे डाक्टर की सलाह के बिना कतई न लें। लंबे समय तक विटामिन डी की डोज लेना खतरनाक भी साबित हो सकता है। किडनी से पीड़ित मरीज के लिए दिक्कतें भी पैदा कर सकता है।
कोरोना वायरस से संबंधित कई रिसर्च ने साबित किया है कि कोरोना वायरस से लड़ने में विटामिन डी का अहम रोल है। विटामिन डी शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के साथ इम्यून सिस्टम, कोशिकाओं की वृद्धि और सूजन को कम करने में मदद करता है। कोरोना वायरस के संपर्क में आने से शरीर के अंदरूनी अंगों में सूजन बढ़ जाती है। ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस ने भी माना है कि महामारी के दौर में लोगों को हर दिन 10 माइक्रोग्राम विटामिन डी लेनी चाहिए। विटामिन डी का अच्छा स्रोत धूप है लेकिन यह संभव नहीं है क्योंकि लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं। विटामिन डी मछली, अंडा और अनाज में भी होता है, मगर इससे पूर्ति हो पाना संभव नहीं हो पाता इसलिए विटामिन डी का सप्लीमेंट ले सकते हैं, लेकिन इसे डाक्टर की सलाह के बिना कतई न लें। लंबे समय तक विटामिन डी की डोज लेना खतरनाक भी साबित हो सकता है। किडनी से पीड़ित मरीज के लिए दिक्कतें भी पैदा कर सकता है।