फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

देश के इस 'कुलभूषण' को लेकर पाकिस्तान ने चली बड़ी चाल, परिजन सदमे में

Fri, 14 Jul 2017 09:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 14 Jul 2017 09:59 AM IST
विज्ञापन
pakistan said, nanak singh is not in our country
पाकिस्तान के बजरंगी भाईजान ने ढूंढ निकाली नानक सिंह की फैमिली

सिर्फ कुलभूषण जाधव ही नहीं, एक ये 'कुलभूषण' भी पाकिस्तान में कैदी है और इसके मामले में उस देश ने ऐसी चाल चली है कि परिजन सदमे मे हैं। 
pakistan said, nanak singh is not in our country
पाकिस्तान के बजरंगी भाईजान ने ढूंढ निकाली नानक सिंह की फैमिली
हम बात कर रहे हैं, अमृतसर के अजनाला गांव निवासी नानक सिंह की, जो 1984 में 5 साल की उम्र में गलती से पाकिस्तान चला गया था। तब से वह वहां की जेल में कैद है, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने नानक के अपने देश में होने से इनकार कर दिया है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को दी है। इसके बाद हाईकोर्ट ने बिना कोई निर्देश जारी किए याचिका पर सुनवाई 24 अगस्त तक स्थगित कर दी है।
pakistan said, nanak singh is not in our country
पाकिस्तानी जेल में कैद नानक सिंह
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ़ इंडिया सत्य पाल जैन ने हाई कोर्ट को बताया कि मई माह में ही पाकिस्तान ने केंद्र सरकार को सूचित किया है कि नानक लाहौर की कोट लखपत जेल में नहीं है, जहां होने के बारे में याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया था। गौरतलब है कि मामले में फाजिल्का के स्वर्ण सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
pakistan said, nanak singh is not in our country
नानक सिंह की मदद को आगे आईं सुषमा स्वराज
याचिका में बताया है कि बात 1985 की है। अजनाला सेक्टर में रावी दरिया से सटा स्थित गांव बेदी छन्ना में रहने वाला सात साल का नानक भैंस चराते समय पाकिस्तान की सीमा में चला गया। पाक रेंजर्स ने नानक के साथ-साथ उनकी कई भैंसें जब्त कर ली। भैंसें लौटानी न पड़ें, इसलिए नानक सिंह के बारे में पाक रेंजर्स मुकर गए। बीएसएफ ने पाक रेंजर्स से शिकायत भी की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन
pakistan said, nanak singh is not in our country
नानक सिंह की मदद को आगे आईं सुषमा स्वराज
नानक सिंह के पिता रतन सिंह ने बेटे को वापस लाने के सभी संभव प्रयास किए। बीएसएफ के सामने भी इस मामले को उठाया गया तो वर्ष 1999 में बीएसएफ को पाकिस्तान ने अपनी जेलों में रह रहे भारतीय कैदियों की एक सूची सौंपी। उसमें नानक सिंह का नाम कक्कर सिंह लिखा हुआ था। लेकिन उसके पिता और गांव सहित अन्य ब्योरा उसके बेटे के तथ्यों से मेल खा रहा था। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed