नोटबंदी के बाद लोगों का जोर कैशलेस ट्रांजेक्शन पर है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कई नुकसान भी हैं। नहीं तो यहां जान लिजिए।
नोटबंदी के बाद पेटीएम, फ्री चार्ज और मोबिक्विक जैसे ऑलाइन वॉलेट आपके साथ दुकानदारों की भी जरूरत बन गए हैं। साथ ही कई बैंकों ने भी अपने ई-वॉलेट शुरू कर दिए हैं, लेकिन अगर आपने पूरी सावधानी नहीं बरती तो कैशलेस ट्रांजेक्शन आपको कंगाल बना सकता है। हैकर्स चुटकियों में आपके स्मार्टफोन को हैक कर आपकी गाढ़ी कमाई उड़ा सकते हैं। ऐसे में जरूरत है कि पूरी सावधानी से ऑनलाइन पेमेंट की जाए।
चंडीगढ़ में कार्यरत एक बैंक अधिकारी के मुताबिक, कैशलेस ट्रांजेक्शन के दौरान जरूरी सावधानी बरत कर हम हैकर्स और नुकसान से बच सकते हैं। पहली बात, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं तो आपके स्मार्टफोन का सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेट होना चाहिए। जितना पुराना सॉफ्टवेयर होगा खतरा उतना अधिक रहेगा। साथ ही इंटरनेट का सिक्योर कनेक्शन बेहद जरूरी है।
आपके स्मार्टफोन का इंटरनेट ब्राउजर अपडेट होने के साथ ही सिक्योर कनेक्शन के लिए यूआरएल में एचटीटीपीएस लिखा होना बेहद जरूरी है, ऐसा नहीं है तो आप हैकर्स का निशाना बन सकते हैं। स्मार्टफोन में जमा होने वाली कैशे मेमोरी को साफ करते रहें, इसे साथ ही ब्राउसर हिस्ट्री को भी साफ रखें। ऐसा नहीं करने पर कैशे मेमोरी से आपके एकाउंट और ट्रांजेक्शन की जानकारी हासिल की जा सकती है।
ऐप में बेवजह आने वाले विज्ञापनों के पॉप अप या मैसेज पर क्लिक न करें। इसे क्लिक करते ही आप हैकिंग का शिकार बन सकते हैं। ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त डिजिटल सर्टिफिकेशन का ध्यान रखें। यूआरएल में हरा सिक्योरिटी साइन आता है तो आप सुरक्षित हैं, अगर साइन लाल है तो खतरा है। इसके साथ ही स्पैम ईमेल न खोलें। इनमें वायरस हो सकता है और आपकी डिटेल हैकर के पास पहुंच सकती है।