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ओलंपियन योगेश्वर दत्त के गुरु मास्टर सतबीर पंचतत्व में विलीन, देखिए तस्वीरें
ब्यूरो/अमर उजाला, गोहाना(हरियाणा)
Updated Wed, 20 Jul 2016 09:22 AM IST
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ओलंपियन योगेश्वर दत्त के पहले कोच मास्टर सतबीर सिंह का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
पहलवान योगेश्वर दत्त के पहले गुरु और हरियाणवी संस्कृति के स्तम्भ और रागनी गायकों के सम्राट मास्टर सतबीर पंचतत्व में विलीन हो गए। देखिए तस्वीरें।
ओलंपियन योगेश्वर दत्त के पहले कोच मास्टर सतबीर सिंह का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
रोहतक में गोहाना के गांव भैंसवाल में लम्बी बीमारी के बाद सोमवार सुबह 66 साल की आयु में उनका निधन हो गया था। आज दोपहर उनका अंतिम संस्कार योगेश्वर दत्त के खाली पड़े प्लॉट में किया गया। योगेश्वर दत्त व प्रबुद्ध नागरिकों समेत सैंकड़ों लोगों ने उन्हें आखिरी विदाई दी। गुरू के देहांत पर योगेश्वर दत्त की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। वहीं हरियाणा के मुख्य लोक कलाकार के देहांत के बाद उनके समर्थकों की आंखों में भी एक दुख की झलक दिखाई दी।
ओलंपियन योगेश्वर दत्त के पहले कोच मास्टर सतबीर सिंह का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
मास्टर सतबीर तीन महीने से डायलिसिस पर थे, सुबह सवा छह बजे अंतिम सांस ली। वे पीटीआई अध्यापक के तौर पर सेवानिवृत हो चुके थे। सूर्यकवि लख्मीचंद के किस्सों को आमजन तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही। इन की एक खासियत यह भी थी कि इन्होंने कभी महिला कलाकारों के साथ नही गाया। हरियाणवी रागिनी के साथ-साथ ये ये गांव भैंसवाल में अपना अखाड़ा भी चलाते थे। पहलवान योगेश्वर दत्त भी इन्हीं के अखाड़े से निकले हुए हैं। मास्टर सतबीर के निधन की खबर सुन उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई।
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ओलंपियन योगेश्वर दत्त के पहले कोच मास्टर सतबीर सिंह का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
13 अप्रैल 1951 में गांव भैंसवाल कलां में मास्टर सतबीर सिंह का जन्म एक साधारण से परिवार में हुआ। मास्टर चार भाई सूरजभान, उमेद सिंह, प्रेमसिंह, रामेहर व एक बहन सावित्री से छोटा था। वही राजकौर छोटी बहन है। मास्टर सतबीर सिंह ने ग्रेजुएशन पास करके अध्यापक की नौकरी पर गांव जौली में नियुक्ति की। इसके बाद गांव रभड़ा में 16 साल तक और 9 साल तक गांव रिवाड़ा में सेवा देकर 2009 में सेवानिवृत्त हो गए।
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ओलंपियन योगेश्वर दत्त के पहले कोच मास्टर सतबीर सिंह का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
मास्टर सतबीर का एक लड़का संदीप उर्फ काला, दो बहन ममता व राखी है। संदीप तीन साल से अपने पिता की विरासत संभाल रहा है। वहीं दोनों बहनों की शादी कर अपने मायके जा चुकी हैं। मास्टर सतबीर के तीन बड़े भाई सूरजभान, उमेद सिंह व रामेहर का पहले ही निधन हो चुका है। परिजनों ने बताया कि मास्टर सतबीर को शूगर की बीमारी थी। तीन महीने पहले उन्हें डायलेसिस की बीमारी हो गई थी। उनका ईलाज रोहतक के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। घर पर लेटे-लेटे मास्टर सतबीर अपनी रागनियों को गुनगुनाते रहे थे। इतना ही नहीं पुराने किस्सों को याद करते रहते थे।