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Pics: ये देखिए नोटबंदी के 50 दिन बाद का हाल, अभी भी लंबी कतार

Thu, 29 Dec 2016 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 29 Dec 2016 01:39 AM IST
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Notebandi effect after 50 days, still peoples are facing many problems
बटाला के डेरा रोड पर स्थित एसबीआई बैंक के सामने लोगों की लगी लंबी लाइन - फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी ने 50 दिन मांगे थे हालात सामान्य होने के लिए, अब तो वो भी पूरे हो गए। लेकिन लाइनें तो अभी भी वही है। तो अब क्या..?
Notebandi effect after 50 days, still peoples are facing many problems
गुरदासपुर स्टेट बैंक के बाहर कतारों मे खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के बाद 50 दिनों में हालात सामान्य होने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दावा खोखला नजर आ रहा है। इसे लेकर दुकानदार, नौकरी पेशा, उद्योगपति से लेकर किसान परेशान है। बैंकों में लाइनें जरूर कुछ कम हुई हैं, लेकिन लोगों को रुपये अभी भी नहीं मिल पा रहे हैं। 
Notebandi effect after 50 days, still peoples are facing many problems
संगरूर में एक बैंक के बाहर कैश लेने वाले लोगों की लगी लंबी कतार। - फोटो : अमर उजाला
बैंक और एटीएम खुलने से पहले ही लोग पैसे के लेनदेन को लेकर पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें जरूरत मुताबिक कैश नहीं मिल पाने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगरूर के कौला पार्क स्थित एचडीएफसी, बैंक आफ बड़ौदा, आईसीआईसी बैंक, पीएनबी सहित शहर के अन्य बैंकों तथा एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। कई लोग तो सुबह से आकर बैंकों के बाहर खड़े हो जाते हैं और ग्यारह बजे के करीब कैश आते ही लोगों की कतार लंबी हो जाती है। इतने दिन बीत जाने के बावजूद एटीएम से सिर्फ दो हजार रुपये ही निकलवाए जा सकते हैं।
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Notebandi effect after 50 days, still peoples are facing many problems
अबोहर के स्टेट बैंक और गांव डंगरखेड़ा के पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी को लेकर किसानों ने कहा कि यह फैसला परेशानी के अलावा कुछ और नहीं है। जालंधर के गांव नौग्गजा के किसान हरनाम सिंह का कहना है कि खेतों में फसल बीजने के लिए उन्हें हर दिन किसी न किसी सामान की जरूरत पड़ती है, मगर इनके रुपये अब हम आनलाइन कैसे देंगे। गांव कानपुर के किसान तोता सिंह ने कहा कि कभी डीजल, कभी फसल दाना, कभी ट्रैक्टर की रिपेयर तो कभी अन्य खर्चों के लिए कैश ही देना पड़ता है। हालात ये हैं कि बैंकों से उन्हें रुपये नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से उनका खेती का काम भी रुकने लगा है। 
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Notebandi effect after 50 days, still peoples are facing many problems
अबोहर के स्टेट बैंक और गांव डंगरखेड़ा के पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
ट्रांसपोर्टर जगजीत सिंह कंबोज ने कहा कि सरकार कहती है कि हर पेमेंट आनलाइन और चेक से करें, लेकिन एक ड्राइवर को अगर पंजाब से दूसरे राज्य में जाना हो तो उसे रास्ते में कई जगह रुपये देने पड़ते हैं। टोल टैक्स से लेकर रोटी तक का खर्च कैश में देना पड़ता है। बैंक से रुपये नहीं मिल रहे और ड्राइवर पेटीएम करने में सक्षम नही है, तो गुजारा कैसे होगा। नोटबंदी जल्दबाजी में लिया गया फैसला है।
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