अगर आप पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके बड़े काम की हो सकती है। हाईकोर्ट ने पासपोर्ट बनवाने के लिए बहुत बड़ी राहत दी है।
दरअसल, पासपोर्ट पर पिता के नाम को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट कर दिया कि पासपोर्ट पर जैनेटिक पिता का नाम अनिवार्य नहीं है। यदि आवेदक के पिता सौतेले हैं तो ऐसे में आवेदन करते हुए सौतेले पिता का नाम लिखा जा सकता है।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि पानीपत निवासी याची की मां का 20 वर्ष पहले 1996 में तलाक हो चुका है। तलाक के समय मोहित की आयु 7 वर्ष और उसकी बड़ी बहन 9 वर्ष की थी। एक वर्ष बाद याची की मां ने दूसरा विवाह कर लिया था।
याची ने कहा कि तब से याची अपनी बड़ी बहन और मां के साथ सौतेले पिता के साथ ही रह रहा है। उसके राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और यहां तक कि स्कूल के सर्टिफिकेट में भी मोहित के पिता के स्थान पर उसके सौतेले पिता का नाम ही लिखा हुआ है।
जब याची ने पासपोर्ट अप्लाई किया तो पासपोर्ट कार्यालय ने उसका पासपोर्ट बनाए जाने से इनकार दिया और कहा कि वह पासपोर्ट में अपने वास्तविक पिता का नाम ही दर्ज करवाए। सौतेले पिता का नाम दर्ज करने पर उसे पासपोर्ट जारी नहीं किया जाएगा।