21 सितंबर 2017 से शुरू हो रहे नवरात्रि में इस बार 12 साल बाद शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में जरूरी है कि आप भूलकर भी ये सभी गलतियां न करें, अशुभ हो सकता है।
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सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र कहते हैं कि नवरात्रि का व्रत रखने वालों को न ही अपने बाल कटवाने चाहिए और शेविंग भी नहीं करवानी नहीं चाहिए। वैसे इस दौरान बच्चों का मुंडन करवाना शुभ होता है। यदि आप इस दौरान कलश की स्थापना करते हैं और अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इस समय घर को खाली छोड़कर कहीं भी न जाएं।
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बीरेंद्र नारायण मिश्र कहते हैं कि नवरात्रि में नॉन वेज, प्याज, लहसुन आदि की मनाही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के पूरे नौ दिन तक नींबू काटना अशुभ होता है। विष्णु पुराण के अनुसार मां दुर्गा के इन नौ दिनों में दोपहर के समय सोना नहीं चाहिए। इससे व्रत रखने का उचित फल नहीं मिलता। इस बार नवरात्रि में 12 वर्षों के बाद गुरु अमृतमय योग बन रहा है। नवरात्रि 21 सितंबर से शुरू हो रहा है।
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नवरात्र
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नवरात्रि का प्रारंभ तुला राशि में वीरवार होने के कारण यह योग बन रहा है। नवरात्रि 20 सितंबर दिन में 11 बजकर एक मिनट से शुरू होकर 21 सितंबर दिन वीरवार को सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। यह कहना है का। उनका कहना है कि धर्म सिंधु के अनुसार यदि सूर्योदय के 10 घटी तक प्रतिपदा है तो उसी दिन नवरात्रि प्रारंभ और कलश स्थापना किया जाता है। अमावस्या तिथि में नवरात्रि का प्रारंभ निषेध माना गया है।
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बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह ब्रह्म मुहूर्त में है। इसका समय सुबह पांच बजे से सुबह छह बजकर 10 मिनट तक है। इसके बाद सूर्योदय सुबह छह बजकर 14 मिनट से सात बजकर 14 मिनट तक वीरवार का होरा होने के कारण भी शुभ समय है। वीरवार का दिन और वृहस्पति का होरा, शुभ की चौघड़िया और कन्या लग्न में नवरात्रि का प्रारंभ और कलश पूजन बहुत ही शुभदायक है। इसलिए इस योग को गुरु अमृत योग नाम से जाना जाता है।