नगरोटा में हुए आतंकी हमले में किसी का भाई चला गया, किसी का बेटा तो किसी का सुहाग... लेकिन इस शहीद की पत्नी ने ऐसा बात कही, सभी का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।
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शहीद सुखराज सिंह की फाइल फोटो
नगरोटा में आर्मी कैंप पर आतंकी हमले में शहीद हुए बटाला के मोहल्ला मान नगर के रहने सेना में हवलदार सुखराज सिंह ने सोमवार को पत्नी हरमीत कौर से सोमवार को मोबाइल पर बात की थी। इस दौरान सुखराज ने पत्नी से कहा था कि वह मंगलवार की शाम तक घर आ जाएंगे, पर मंगलवार की शाम को सुखराज के लौटने के बजाए उनकी शहादत की खबर मिली।
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अमर उजाला से बातचीत करतीं शहीद सुखराज की पत्नी और मां
शहीद की पत्नी यह शब्द बार-बार कहते हुए अचेत हो जा रही थी। उसकी यह हालत देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गई। मंगलवार सुबह नगरोटा में आर्मी कैंप पर किए गए आतंकी हमले में बटाला के मोहल्ला मान नगर निवासी सेना में हवलदार सुखराज सिंह शहीद हो गए थे।
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बटाला में सुखराज सिंह के सांत्वना देने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़।
बुधवार को सुबह जैसे जैसे लोगों को सुखराज की शहादत का पता चला तो मोहल्ले के और रिश्तेदार उनके घर में इकट्ठे होने लगे डीसी गुरदासपुर प्रदीप सभरवाल समेत कई अधिकारी घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। सुखराज के दो बच्चे, एक 4 साल का बेटा है और 7 साल की बेटी है। समाचार लिखे जाने तक शहीद सुखराज का पार्थिव शरीर का बटाला नहीं पहुंचा था। बटाला में आर्मी की दो बड़ी गाड़ियां खड़ी थी।
शहीद की पत्नी हरमीत कौर और उसकी माता र्स्वणजीत कौर ने बताया कि सुखराज पहले बंठिडा में तैनात थे। जनवरी 2016 में सुखराज का प्रमोशन हो गया और वह हवलदार बन गए। प्रमोशन के बाद उनकी तैनाती नगरोटा में हो गई। पत्नी हरमीत कौर ने बताया कि उसे 28 नवंबर को मोबाइल पर पति से बात हुई थी। इस पर उन्होंने कहा कि वह 29 की शाम तक छुट्टी घर पहुंच जाएंगे।