फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

टैगोर में गूंजे ऐसे नगमें कि याद आए मोहम्मद रफी...

Fri, 01 Aug 2014 02:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 01 Aug 2014 02:11 PM IST
विज्ञापन

टैगोर में गूंजे ऐसे नगमें कि याद आए मोहम्मद रफी...

Musical Programme at Tagore Theatre
सिटी ब्यूटीफुल के टैगोर के रंगमंच पर वीरवार को प्रसिद्ध गायक दिवंगत मोहम्मद रफी को श्रद्धांजलि दी गई। यह आयोजन यादगार-ए-रफी सोसायटी ने किया।

टैगोर में गूंजे ऐसे नगमें कि याद आए मोहम्मद रफी...

Musical Programme at Tagore Theatre

कार्यक्रम की शुरूआत पंचकूला की सान्या सहगल ने की। उन्होंने वो कौन थी फिल्म के गीत नैना बरसे रिमझिम रिमझिम से। अंबाला कैंट की जास्मीन ने गीत ये मुलाकात इक बहाना है से सबका मन मोह लिया।

टैगोर में गूंजे ऐसे नगमें कि याद आए मोहम्मद रफी...

Musical Programme at Tagore Theatre

रित्विक मुंजाल ने सत्तर के दशक की फिल्म धरती के गीत खुदा भी आसमां से जब जमीं पर देखता होगा के जरिए वाहवाही ली। चौदहवीं का चांद फिल्म का टाइटिल गीत चौदहवी का चांद डा. ब्रजेश ने गाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

टैगोर में गूंजे ऐसे नगमें कि याद आए मोहम्मद रफी...

Musical Programme at Tagore Theatre

जयदीप सिंह ने जब अनोखी रात फिल्म के गीत मिले न फूल तो कांटों से दोस्ती कर ली को अपने स्वर दिए तो श्रोताओं को आनंद आ गया।

विज्ञापन

टैगोर में गूंजे ऐसे नगमें कि याद आए मोहम्मद रफी...

Musical Programme at Tagore Theatre

अब्दुल्ला फिल्म के गीत मैने पूछा चांद से फलक हो या जमीं....को जब सहारनपुर के मयंक ने अपने स्वर दिए। वहीं हुई शाम उनका ख्याल आ गया को गाया नाभा के जगदीश देवा ने।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed