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बच्ची के अंतिम संस्कार की तैयारी थी, अचानक हुआ कुछ ऐसा, देख सबके उड़ गए होश
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:02 AM IST
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रोहतक में बच्ची का अंतिम संस्कार
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बच्ची का अंतिम संस्कार करने की तैयारी पूरी हो चुकी थी, अचानक कुछ ऐसा हो गया कि देखकर लोगों और पुलिसवालों के होश उड़ गए।
रोहतक में बच्ची का अंतिम संस्कार
मामला हरियाणा के रोहतक का है। टिटौली नहर से रविवार को मिले दस साल की बच्ची के शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी पुलिस कर चुकी थी। ठीक मौके पर अंतिम संस्कार को रोकने और दिल्ली एम्स अथवा चंडीगढ़ पीजीआई के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की याचिका डाल दी गई। इस याचिका पर पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट जेएमआईसी सीमा ने मंगलवार रात को सुनवाई की।
रोहतक में बच्ची का अंतिम संस्कार
मानवाधिकार कार्यकर्ता वकील मोमिन मलिक ने कोर्ट में रात को याचिका दायर की थी। विशेष अदालत ने 30 मिनट की सुनवाई के बाद सुबह नौ बजे तक सदर थाना प्रभारी और मामले के जांच अधिकारी को पेश होकर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। बता दें कि दो दिन पहले टिटौली नहर से एक बैग में दस साल की बच्ची का क्षत विक्षत शव मिला था।
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रोहतक में बच्ची का अंतिम संस्कार
पुलिस ने आशंका जताई थी कि बच्ची के साथ रेप के बाद हत्या करके शव को बैग में बंद करके नहर में फेंका गया है। सोमवार को मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया तो उसमें दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने शव के अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली। हालांकि अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। बुधवार को शव मिलने के 72 घंटे पूरे होने के बाद अंतिम संस्कार होना था।
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रोहतक में बच्ची का अंतिम संस्कार
लेकिन दुष्कर्म की आशंका के चलते मंगलवार रात करीब सात बजे वकील मोमिन मलिक ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में याचिका दायर कर दी। याचिका में बच्ची के शव का दिल्ली एम्स या पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की अपील की गई। तर्क दिया कि यदि शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया तो दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो सकेगी। ऐसे में आरोपियों को सिर्फ हत्या की सजा मिल सकेगी और पीड़िता को इंसाफ नहीं मिलेगा।