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पाकिस्तानी जासूस बने युवक का फौजी पिता आया सामने, कही ऐसी बात...यकीं नहीं होगा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:02 AM IST
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आईएसआई एजेंट गौरव शर्मा
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आईएसआई और पाकिस्तान का जासूस बने भारतीय युवक के फौजी पिता सामने आए और बेटे को लेकर ऐसी बात कही, यकीं नहीं कर पाएंगे।
आईएसआई एजेंट गौरव शर्मा
मैंने कारगिल युद्ध में अपनी मातृभूमि के लिए पसीना बहाया है। रिटायर्ड होने के बाद भी सेना से जुड़ा हुं। जो देश का दुश्मन है वह मेरा भी है। लेकिन मुझे मेरे बेटे गौरव पर इतना यकीन है कि वह किसी भी सूरत में देश से गद्दारी नहीं कर सकता। यह कहना है कि आईएसआई को देश के सैन्य ठिकानों की गोपनीय जानकारी देने के आरोपी गौरव के पिता सेना के जवान जयकिशन का।
आईएसआई एजेंट गौरव शर्मा
मुख्यधारा की सेना से रिटायर होने के बाद टेरिटोरियम आर्मी दिल्ली में सेवा दे रहे जयकिशन ने बेटे गौरव के पकड़े जाने के बाद खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि जो जब गौरव सर्विस में ही नहीं है तो वह सेना की गोपनीय जानकारी कहां से देगा। जयकिशन का कहना है कि वह उनका बेटे को हनीट्रेप में विदेशी महिला ने फंसाया है। मुझे विश्वास नहीं है कि उसने देश की सेना से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी आईएसआई को दी।
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आईएसआई एजेंट गौरव शर्मा
क्योंकि मेरा पूरा परिवार सेना के भरोसे ही रोटी खाता है। बेटे को मैंने सेना की तैयारी करने के लिए ही गन्नौर से रोहतक भेजा था। वह बचपन से ही सेना में भर्ती होने की चाहत रखता था। ऐसे में वह अपने सपने को चकनाचूर करके देश से गद्दारी नहीं कर सकता। यह जल्द ही कोर्ट में साबित भी होगा। पुलिस के पास अभी तक गौरव के खिलाफ कुछ भी पुख्ता सबूत नहीं है।
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आईएसआई एजेंट गौरव शर्मा
रिटायर्ड होने के दो साल बाद ही लौटे सेना में
वर्ष 1993 में सेना में ज्वाइन करने वाले गौरव के पिता ने 1999 में हुए कारगिल युद्ध में भी अपनी अहम भूमिका निभाई। कारगिल वार के दौरान उनकी जम्मू कश्मीर में ही पोस्टिंग थी। इस दौरान जयकिशन ने हथियारों की सिक्योरिटी, जवानों के खाने पीने का इंतजाम, रास्ता साफ करने सहित अन्य तरह से भूमिका निभाई। जयकिशन वर्ष 2013 में सेना से रिटायर्ड हुए थे। इसके दो साल बाद उन्होंने फिर से सेना ज्वाइन की।
वर्ष 1993 में सेना में ज्वाइन करने वाले गौरव के पिता ने 1999 में हुए कारगिल युद्ध में भी अपनी अहम भूमिका निभाई। कारगिल वार के दौरान उनकी जम्मू कश्मीर में ही पोस्टिंग थी। इस दौरान जयकिशन ने हथियारों की सिक्योरिटी, जवानों के खाने पीने का इंतजाम, रास्ता साफ करने सहित अन्य तरह से भूमिका निभाई। जयकिशन वर्ष 2013 में सेना से रिटायर्ड हुए थे। इसके दो साल बाद उन्होंने फिर से सेना ज्वाइन की।