जब बहादुरी पर सवाल तो बहादुरी का सम्मान क्यों?
बस में 3 युवकों की पिटाई करने वाली बेटियों को जहां सम्मान दिया गया वहीं उसकी बहादुरी पर सवाल भी उठ खड़े हुए। दो दिन पहले बस में तीन युवकों की पिटाई करने को लेकर चर्चा में आई बहादुर बेटियों पूजा और आरती को मंगलवार को लड़कियों के जींस पहनने और मोबाइल रखने पर प्रतिबंध का फरमान जारी करने वाली हिंदू महासभा ने हिसार में सम्मानित किया।
जब बहादुरी पर सवाल तो बहादुरी का सम्मान क्यों?
दूसरी ओर मामले में नया मोड़ तब आ गया जब लड़की के गांव की ही कुछ महिलाएं छेड़छाड़ के आरोपी लड़कों के समर्थन में कोर्ट पहुंच गई, आरोपी युवक गांव आसन निवासी कुलदीप, दीपक और मोहित के पक्ष में 5 महिलाएं मंगलवार को कोर्ट पहुंचकर लड़कों के समर्थन में गवाही दी। महिलाओं ने दावा किया कि वे बस में सवार थीं और सारा झगड़ा सीट को लेकर हुआ।
जब बहादुरी पर सवाल तो बहादुरी का सम्मान क्यों?
लड़कियों के जींस पहनने और मोबाइल रखने पर प्रतिबंध का फरमान जारी करने वाली हिंदू महासभा अपने पुराने फरमानों के शब्दों में बदलाव करती नजर आई। सोनीपत की बहादुर बेटी पूजा और आरती मंगलवार शाम करीब साढे़ तीन बजे हिसार पहुंचीं। यहां हिंदू महासभा ने फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया। बहादुर बेटियों के जयकारे भी लगाए।
जब बहादुरी पर सवाल तो बहादुरी का सम्मान क्यों?
महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ओम महाराज ने कहा कि हिंदू महासभा बेटियों की बहादुरी को सलाम करती है। ऐसी बेटियां समाज बदलने का काम करती हैं। लड़कियों को दुर्गा, लक्ष्मी बनकर जवाब देना होगा। जींस का विरोध करने वाली हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने जींस पहनकर पहुंचीं बेटियों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
जब बहादुरी पर सवाल तो बहादुरी का सम्मान क्यों?
जींस विरोधी अपने फरमान पर हिंदू महासभा शब्दों में फेरबदल करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल सिवाच ने कहा कि हम जींस नहीं, टाइट जींस और हाफ जींस के विरोध में हैं। जींस के साथ टॉप न पहनें, बल्कि खुले कपड़े पहनें। मोबाइल रखें, पर स्कूल-कॉलेज में इसका उपयोग न हो। सिवाच ने बताया कि चार फरवरी को दिल्ली में बालवीर हकीकत राय के बलिदान दिवस पर केंद्रीय मंत्री से छात्राओं को सम्मानित कराएंगे।