फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तेजाब जिस्म पर गिरा.. रूह भी झुलस गई, लगा जैसे जिंदगी की शाम हो गई...

Fri, 16 Jun 2017 09:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब) Updated Fri, 16 Jun 2017 09:08 AM IST
विज्ञापन
moga acid attack victim mandeep kaur story
एसिड अटैक पीड़िता मनदीप कौर
तेजाब जिस्म पर गिरा तो रूह भी झुलस गई, लगा जैसे जिंदगी की शाम हो गई। 30 सर्जरी हो चुकी हैं, एक आंख से दिखता नहीं और भूलाये नहीं भूलता वो दिन।
moga acid attack victim mandeep kaur story
एसिड अटैक पीड़िता मनदीप कौर
ये दर्दनाक कहानी है मोगा की मनदीप कौर की।  2013 की उस मनहूस सुबह वह अपने पिता के साथ स्कूटर पर तलाक की आखिरी पेशी भुगतने जा रही थीं कि चार लोगों ने उस पर तेजाब डाल दिया। उस समय तो लगा जैसे जिंदगी की शाम हो गई है। उसके साथ-साथ पिता भी लाचार हो गए। पिता के कंधे की मसल्स खराब हो गईं। उनकी अभी भी थेरेपी चल रही है।
moga acid attack victim mandeep kaur story
एसिड अटैक पीड़िता मनदीप कौर
मनदीप कौर और उसके पिता पर पति और उसके तीन दोस्तों ने तेजाब फेंक दिया। कसूर केवल इतना था कि मनदीप ने उनके जुल्म सहने से इंकार कर दिया था। घटना को याद करते हुए बीएससी नर्सिंग का कोर्स कर चुकी पीड़िता के गले से दो मिनट तक तो आवाज ही नहीं निकली। मनदीप कौर का कहना है कि वह दो साल ससुराल में रही। इस दौरान उसके सास-ससुर, देवर-देवरानी और पति ने उसका जीना दूभर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
moga acid attack victim mandeep kaur story
एसिड अटैक पीड़िता मनदीप कौर
मनदीप कौर का कहना है कि उस दिन से अब तक उसके पिता की 10 और उसकी 30 सर्जरी हो चुकी हैं। मनदीप को एक आंख से नहीं दिखता, आंख की सर्जरी बाकी है। पहले डीएमसी लुधियाना और फिर जालंधर में सर्जरी हुईं। दो सर्जरी अंबाला में भी हुईं। इन पर 40-45 लाख रुपये लग चुके हैं। खेती-बाड़ी से गुजर बसर करने वाले मनदीप के पिता का कहना है कि उन्होंने 45 लाख रुपये कैसे जुटाए हैं, वे ही जानते हैं।
विज्ञापन
moga acid attack victim mandeep kaur story
Acid Attack
चारों आरोपियों को 26 अक्तूबर 2016 को उम्रकैद हो चुकी है, लेकिन बेटी की जिंदगी पता नहीं कब सामान्य हो पाएगी। पंजाब सरकार ने तो उन्हें केवल 3-3 लाख रुपये ही दिए हैं। कोर्ट ने छह लाख की सहायता राशि देने का भी निर्णय दिया था, लेकिन अभी तक मिला कुछ नहीं है। मनदीप बताती हैं कि उसे अपने माता-पिता और भाई से हिम्मत मिलती है। वे उसका हौसला बढ़ाते हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed