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एक ऐसा करोड़पति जो लंगर लगाकर बना 'कंगाल', पर किसी को भूखा नहीं सोने देता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 20 Dec 2017 09:36 AM IST
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चंडीगढ़ के जगदीश लाल आहुजा
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यह इंसान कैंसर से पीड़ित है और किसी समय करोड़पति था। 17 साल से लंगर लगा-लगाकर आज यह कंगाली के दौर से गुजर रहा है, लेकिन किसी को भूखा नहीं सोने देता।
चंडीगढ़ के जगदीश लाल आहुजा
इनका नाम है 83 वर्षीय जगदीश लाल आहुजा। इन्हें लोग बाबा और इनकी पत्नी को जय माता दी के नाम से जानते हैं। 17 साल से ये इंसान पीजीआई के बाहर दाल, रोटी, चावल और हलवा बांट रहा है, वो भी बिना किसी छुट्टी के। जो लोग उन्हें जानते हैं, वह कहते हैं कि आहुजा ने एक से डेढ़ हजार लोगों को गोद ले रखा है।
चंडीगढ़ के जगदीश लाल आहुजा
ऐसा माना जाता है कि जब तक आहुजा जिंदा हैं, तब तक पीजीआई का कोई मरीज रात में भूखा नहीं सो सकता। पिछले कई सालों से लगातार वे पीजीआई के बाहर लंगर लगा रहे हैं। हर रात 500 से 600 व्यक्तियों का लंगर तैयार होता है। लंगर के दौरान आने वाले बच्चों को बिस्कुट और खिलौने भी बांटे जाते हैं। मजबूरों का पेट भरने के लिए वे अपनी कई प्रॉपर्टी भी बेच चुके हैं।
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चंडीगढ़ के जगदीश लाल आहुजा
आहुजा बताते हैं कि साल 2001 में जब वे बीमार हुए थे तो उस दौरान पीजीआई में एडमिट थे। बड़ी मुश्किल से जीवन बचा था। उसके बाद से पीजीआई में लंगर लगा रहे हैं। पहले वे दो हजार से ज्यादा लोगों के लिए खाना लाते थे। उनकी देखा-देखी कई लोग पीजीआई के बाहर लंगर लगाने लगे। इससे उनके यहां आने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है।
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चंडीगढ़ का अनोखा करोड़पति जगदीश लाल आहूजा
- फोटो : अमर उजाला
आहुजा कहते हैं कि सर्दी हो या गर्मी लेकिन कभी भी उनका लंगर बंद नहीं हुआ। आहुजा की उम्र 83 साल हो चुकी है। पेट के कैंसर से पीड़ित हैं। ज्यादा दूर चल नहीं पाते। इसके बावजूद लोगों की मदद करने में उनके जज्बे का कोई मुकाबला नहीं है। मरीजों और जरूरतमंदों के बीच में वे बाबा जी के नाम जाने जाते हैं। कई जरूरतमंद मरीजों को वे आर्थिक मदद भी मुहैया कराते हैं।