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ब्रेन हैमरेज के बाद अब न पैरालिसिस होगा न कोई और बीमारी, दवाओं से ही ठीक हो जाएगी बीमारी

Tue, 30 Jul 2019 12:32 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 30 Jul 2019 12:32 PM IST
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Medical Research in Punjab University on Brain Hemorrhage Treatment with Medicines
फाइल फोटो
अब ब्रेन हैमरेज के बाद मरीजों को न तो पैरालिसिस होगा और न ही कोई और बीमारी होगी। यही नहीं अब इलाज भी दवाइयों से संभव होगा। जानिए आखिर कैसे...
Medical Research in Punjab University on Brain Hemorrhage Treatment with Medicines
वरुण गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के यूआईपीएस विभाग के छात्र वरुण गुप्ता ने एक रिसर्च किया है। उन्होंने दवाओं के प्रभाव से होने वाले खतरों को 80 फीसदी तक कम कर दिया है। इस पर एनिमल स्टडी पूरी हो गई है। अब मानव स्टडी के लिए भारत सरकार को प्रोजेक्ट भेजा जाएगा। वरुण गुप्ता इस पर पांच साल से रिसर्च कर रहे हैं।
Medical Research in Punjab University on Brain Hemorrhage Treatment with Medicines
ब्रेन स्ट्रोक
वरुण कहते हैं कि हर साल देश में छह मिलियन मौतें ब्रेन हैमरेज के कारण होती हैं। दुनिया में ब्रेन हैमरेज दूसरे नंबर की बीमारी है, जिससे सर्वाधिक मौत होती हैं। मस्तिष्क में खून जमा हो जाने या ब्लड नली के फट जाने से ब्रेन हैमरेज होता है। किसी व्यक्ति को इसका अटैक पड़ता है तो उसे तुरंत अस्पताल में पहुंचाना होता है।
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Medical Research in Punjab University on Brain Hemorrhage Treatment with Medicines
ब्रेन स्ट्रोक
ब्रेन हैमरेज होने पर 70 फीसदी मरीजों की मौत हो जाती है। 30 फीसदी को बचा लिया जाता है, लेकिन उन्हें आगे चलकर पैरालिसिस हो जाता है और ब्रेन हैमरेज फिर होने का खतरा मंडराने लगता है। इन सभी खतरों को टालने के लिए वरुण गुप्ता रिसर्च कर रहे हैं। इस रिसर्च का एनिमल मॉडल तैयार हो गया है।
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Medical Research in Punjab University on Brain Hemorrhage Treatment with Medicines
ब्रेन स्ट्रोक
रिसर्च के तहत, ब्रेन हैमरेज से पीड़ित चूहे का विभिन्न दवाओं के माध्यम से इलाज किया गया। चूहे का 48 और 72 घंटे तक इलाज किया गया था। साढ़े चार साल की रिसर्च में 80 फीसदी से अधिक सफलता मिल गई है। दवाओं के जरिए यह कारगर हुआ है, पर अभी दवाओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते हैं।
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