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शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं

Tue, 09 Jun 2015 07:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 09 Jun 2015 07:49 AM IST
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शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं

martyr wife expressed pain on nielit fire incident anniversary

चंडीगढ़ में हुए नाइलिट हादसे में शहीद हुए एयरफोर्स के फायरफाइटर की बीवी का दर्द आखिरकार फूट ही पड़ा। उन्होंने प्रशासन पर कड़े कमेंट किए। देखिए, क्या बोलीं वो।

शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं

martyr wife expressed pain on nielit fire incident anniversary

शहीद हुए एयरफोर्स के फायरफाइटर रविंदर की पत्नी सवित्रा रानी कहती हैं कि पति की मौत के बाद से हम हर चीज को मोहताज हैं। प्रशासन नौकरी देता नहीं। सलामी देने के नाम पर समारोह में बुलाता है और हमें रुलाता है। हमारे आंसू रुकते नहीं हैं।

शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं

martyr wife expressed pain on nielit fire incident anniversary

सवित्रा रानी कहती हैं कि प्रशासन की ओर से जो वायदे किए गए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया है। परिवार को सिर्फ स्वतंत्रा दिवस, गणतंत्र दिवस और फायर डे पर बुला लिया जाता है और वहां पर अधिकारी दो मिनट का भाषण देकर परिवार को रुला कर चले जाते हैं, समारोह में उनकी तस्वीरे खींच ली जाती है।

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शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं

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नगर निगम ने शहीद के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने और बेटे धीरज को नौकरी देने का प्रस्ताव पास किया था लेकिन प्रशासन ने इसे अभी तक मंजूरी नहीं दी। सवित्रा रानी के अनुसार कोई ऐसा अधिकारी और नेता नहीं बचा है, जिससे बेटे के लिए नौकरी न मांगी हो। अभी तीन महीने पहले एयरफोर्स ने विधवा पेंशन देनी शुरू की है।

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घटना के बाद जब शहीद रविंदर कुमार के शव का अंतिम संस्कार किया गया था तो पूर्व सलाहकार केके शर्मा ने दावा किया था कि उनके बच्चों की पढ़ाई निशुल्क दी जाएगी लेकिन निशुल्क तो दूर पिछले साल बेटी मनीष शर्मा को ग्याहरवी में दाखिल के लिए मां और चाचा को काफी भटकना पड़ा। जब सरकारी स्कूल में दाखिल नहीं मिला तो सेक्टर-37 में एक निजी स्कूल में दाखिला दिलवाया।

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