पाकिस्तान की गोलीबारी में शहीद हुए पति की कसम खाते हुए पत्नी ने ऐसा फैसला लिया कि मां-बाप का सिर फक्र से ऊंचा हो गया। पीएम मोदी भी नमन करेंगे, पढ़ें रिपोर्ट...
2 of 7
पाक गोलीबारी में परगट सिंह शहीद
पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिला के केरी सेक्टर में पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए हरियाणा में करनाल के गांव रम्बा निवासी सैनिक परगट सिंह शहीद हो गए थे। अब उनकी पत्नी रमनप्रीत कौर ने एक फैसला लिया है। रमनप्रीत ने खुद बताया कि अब वह पढ़ना चाहती है, ताकि बेटे को अफसर बना सकें। कंप्यूटर कोर्स के लिए दाखिला लेना है। बीए के लिए ओपन से फार्म भर दिए हैं। बेटा दिवराज सिंह यूकेजी में पढ़ रहा है। वह हर रोज अपने पापा को याद करता है।
3 of 7
पाक गोलीबारी में परगट सिंह शहीद
बार्डर ते फौजी ईक वारी शहीद होंदा ए और सदा वास्ते अमर हो जांदा ए, पर उसदे परिवार नूं हर रोज शहीद होणा पेंदा ए। सरकार नू कया सी, परगट सिंह दी बहू नूं सरकारी नौकरी देवणगे पर डेढ़ माह तें दोबारा कोई हाल पूछण भी नहीं आंदा। परिवार परगट सिंह के भरोसे सी, अब वो भी नहीं रहा। अब करिये तो की करिये। सरकारां तो फौजी दे अंतिम संस्कार तई ही साथ रहंदी नैं, इसदे बाद तो कोई मुड़ के भी नी वेखदा। ये ये दर्द और तल्ख भरे शब्द हैं शहीद की मां सुखविंदर कौर के।
4 of 7
पाक गोलीबारी में परगट सिंह शहीद
सुखविंद्र कौर का कहना है कि गणतंत्र दिवस तों अस्सी घर ही बाट वेखदे रहे, सरकार और प्रशासन को साडी याद तक नहीं आई। तुस्सी ही दसो ये साडा मान है या अपमान? सोमवार को अमर उजाला की टीम शहीद परगट सिंह के गांव रंबा पहुंची। उस समय शहीद के घर में ताला लगा था, पड़ोस में पूछने पर पता चला कि परिवार वाले शहर गए हैं। जैसे ही अमर उजाला टीम गांव के बस क्यू शेल्टर पर पहुंची तो परगट सिंह का परिवार ऑटो से करनाल जा रहा था।
अमर उजाला से बातचीत में शहीद की मां ने केंद्र सरकार पर सवाल दागे और कहा कि आखिरकार हमारा देश किस बात का इंतजार कर रहा है, टीवी खोलते ही ताबूतों में सैनिकों की लाश दिख रही हैं और सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। आखिर कब तक हम अपने लालों को न्यौछावर करते रहेंगे? अब फैसले का समय है। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।