बर्फीले तूफान में शहीद होने वाले जवान के पिता को अपने बेटे पर गर्व तो है लेकिन गिरते आंसूओं के साथ एक मलाल भी है। देखिए
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बर्फीले तूफान में शहीद हुआ हरियाणा का जवान
पापा कहां हो, मां से बात करा देते। फिर तो छह-सात दिन में बात होगी, क्योंकि बर्फ गिर रही है और हम ऊपर हेडक्वार्टर जा रहे हैं तो वहां पर नेटवर्क की वजह से बात नहीं हो पाएगी। ये शब्द उखलचना गांव निवासी शहीद अंकुर ने बुधवार सुबह 10 बजे अपने पापा श्रीभगवान से फोन पर बात करते हुए कहे।
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मां से बात नहीं कर सके शहीद अंकुर
श्रीभगवान घर से बाहर होने के कारण शहीद अंकुर की बात उसकी मां सविता से नहीं करवा पाए, जिसका मलाल उन्हें अब हो रहा है। शहीद अंकुर के पिता श्रीभगवान का कहना है कि उन्हें क्या पता था कि ये अंकुर का आखिरी फोन है और इसके बाद वे अपने जिगर के टुकड़े से कभी बात नहीं कर पाएंगे।
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मां से बात नहीं कर सके शहीद अंकुर
अंकुर के शहीद होने की खबर जैसे ही शुक्रवार को गांव उखलचना के लोगों को लगी तो हर किसी की आंख नम दिखाई दी लेकिन अभी अंकुर की मां सविता को इस बारे में नहीं बताया कि गया है कि उसका लाल शहीद हो गया है।
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बर्फीले तूफान में शहीद हुआ हरियाणा का जवान
अंकुर की शहादत पर पिता को गर्व
अंकुर के पिता श्रीभगवान भी सेना में रह चुके हैं। 3 भाई बहनों में दूसरे नंबर की संतान अंकुर शुरू से ही सेना में भर्ती होना चाहता था। अंकुर के पिता ने बताया कि 12वीं करने के बाद अंकुर ने पॉलिटेक्निक में दाखिला लिया था। उसी दौरान रोहतक से सेना में भर्ती हो गया।