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एलएसी पर तैनात होंगे हथियार उठाने का दम रखने वाले ड्रोन, शुरू हुआ ट्रायल, क्यों जरूरी है जानिए

Tue, 18 Aug 2020 12:14 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 18 Aug 2020 12:14 PM IST
सार

  • 15 दिन का ट्रायल शुरू, 30 अगस्त तक जारी रहेगा
  • ड्रोनों में होगी भार उठाकर ले जाने की क्षमता होगी
  • आर्मी डिजाइन ब्यूरो करा रहा स्वदेशी ड्रोन का डेमोंस्ट्रेशन
  • डीआरडीओ की मदद से तैयार किए गए हैं ड्रोन

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Made in India Drone will Secure Line of Actual Control in Leh Ladakh
प्रतीकात्मक तस्वीर
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) की निगेहबानी और कड़ी करने के इरादे से अब यहां ड्रोन की तैनाती करने का फैसला लिया गया है। यह ड्रोन पूरी तरह से स्वदेशी होंगे।
Made in India Drone will Secure Line of Actual Control in Leh Ladakh
सांकेतिक तस्वीर
आर्मी डिजाइन ब्यूरो की देखरेख में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों की मदद से एलएसी पर निगरानी के लिए स्वदेशी ड्रोन तैयार किए गए हैं। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इन ड्रोन को अब 15 दिन तक एलएसी एरिया में ट्रायल के लिए भेज दिया गया है। विशेषज्ञों की निगरानी में यहां चीन बॉर्डर एरिया में इनका ट्रायल 30 अगस्त तक जारी रहेगा।
Made in India Drone will Secure Line of Actual Control in Leh Ladakh
सांकेतिक तस्वीर
इन स्वदेशी ड्रोन की खास बात यह कि ये ड्रोन सिर्फ बॉर्डर एरिया पर निगरानी मात्र के लिए नहीं हैं, बल्कि हथियार उठाने का दम भी इनमें होगा। इसका मतलब ये है कि इन ड्रोन को जरूरत पड़ने पर हथियारों से भी लैस किया जा सकेगा। इसके लिए इन्हें लोड कैरिंग यानी भार उठाने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। छोटे होने के बावजूद ये ड्रोन काफी दम रखते हैं। इसे न केवल एरिया को सर्विलांस करने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है, बल्कि इसे खास विशेषताओं के साथ यूनिबॉडी बायोमिमेटिक डिजाइन भी दिया गया है। जिसमें हथियारों को लोड कर ले जाने की क्षमता है।
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Made in India Drone will Secure Line of Actual Control in Leh Ladakh
सांकेतिक तस्वीर
ये ड्रोन एलएसी पर हर तरह की मौसम संबंधी चुनौतियों को झेलने व उसमें ढलकर काम करने की क्षमता के साथ तैयार किए गए हैं। सेना और विशेषज्ञों की निगरानी में लेह स्थित बॉर्डर एरिया में इन स्वदेशी ड्रोन का ट्रायल लेते हुए देखा जाएगा कि ड्रोन इस दुर्गम एरिया में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर पा रहे हैं या नहीं। सफल डेमोंस्ट्रेशन के बाद ड्रोन 30 अगस्त के बाद एलएसी एरिया में तैनात कर दिए जाएंगे। इसके साथ-साथ लेह में कुछ और रक्षा उत्पाद विनिर्माण इकाइयों को भी बुलाया गया है, जो विभिन्न सुरक्षा संबंधी उपकरणों का यहां प्रदर्शन करेंगी। ये सुरक्षा उपकरण भी एलएसी की सुरक्षा के लिहाज से सेना के लिए मददगार साबित होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
दरअसल, चीन के साथ चल रहे विवाद का अभी तक पटाक्षेप नहीं हुआ है। एलएसी एरिया में अभी भी चीनी सेनाएं और कैंप सक्रिय हैं। हजारों चीनी सैनिक हाईटेक हथियारों के साथ एलएसी के दूसरी तरफ तैनात हैं। इससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में भारतीय सेना को भी अपनी खास रणनीति के साथ एएलसी पर और सजग रहना होगा, क्योंकि यहां सेना के लिए वर्तमान स्थिति अभी तनावग्रस्त और अधिक चौकस रहने वाली है। इसी के मद्देनज़र ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके भारतीय सेना एएलसी पर निगरानी रखने के साथ-साथ खुफिया जानकारी हासिल कर सकेगी।
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