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इस बार नागपंचमी पर बेहद शुभयोग, इस विधि से पूजा करें, भोलेनाथ मेहरबान होंगे

Sun, 23 Jul 2017 09:27 AM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 23 Jul 2017 09:27 AM IST
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 lord shiva sawan month nag panchami 2017
सावन का महीना
सावन के महीने की नागपंचमी पर इस बार बेहद शुभ योग न रहा है। अगर आप भी भगवान भोलेनाथ को खुश करना चाहते हैं तो इस विधि से पूजन करें।

 
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सावन का महीना
सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी यानी 27 जुलाई वीरवार को नागपंचमी का त्योहार है। नागपंचमी सुबह सात बजकर 2 मिनट पर कर्क लग्न में शुरू हो रही है। सात बजकर 14 मिनट पर कर्क लग्न समाप्त हो रहा है। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र वीरवार की रात को चार बजकर 39 मिनट पर समाप्त हो रही है। यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का।
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सावन का महीना
बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि इस वर्ष नागपंचमी का विशेष महत्व और शुभदायक है। पंचमी तिथि का देवता सर्प है। राहु सर्प का स्वरूप है। लग्न का स्वामी चंद्रमा बुध के साथ है। लग्न में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी मंगल के साथ होने से सर्पयोग बन रहा है। इस प्रकार के योग में सर्प देवता का पूजन करने से सर्पदंश का भय नहीं रहता। 27 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे से तीन बजे तक राहु काल है।
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सावन का महीना - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि नागपंचमी पर ऊं नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्रों का जाप सुबह-शाम करना चाहिए। वैसे 27 जुलाई 2017 को प्रात: 7 बजकर 5 मिनट तक भद्रा लगी हुई है, इसलिए इस दौरान पूजा ना करें। पंचमी तिथि प्रात: 7 बजकर 5 मिनट पर प्रारंभ होगी, जो कि 28 जुलाई को सुबह: 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगी।
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सावन का महीना - फोटो : अमरउजाला
बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन महीने की शुक्ल पक्ष के पंचमी को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता या सर्प की पूजा का विधान है। परंपरा है कि इस दिन नाग देवता को दूध पिलाया जाये। भारत के कई इलाकों में इस दिन कुश्ती का आयोजन होता है। तो कहीं-कहीं इस दिन जानवरों का नदी स्नान किया जाता है।
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