भारत ने 15 साल बाद जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी का खिताब जीतने में कामयाबी पाई। भारतीय टीम ने फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से दी मात दी। वर्ल्ड कप का फाइनल लखनऊ में खेला गया। इस जीत में चंडीगढ़ हॉकी अकादमी के ट्रेनी गुरजंट सिंह ने अहम भूमिका निभाई। वहीं भारतीय टीम केकप्तान हरजीत सिंह कुराली के पास के गांव के रहने वाले हैं।
यहां हॉकी का ककहरा सीख इस खिलाड़ी ने देश को दिलाया वर्ल्ड कप
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भारत को 15 साल बाद जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी का खिताब जीतने पर पूर्व ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर ने बधाई दी है। फाइनल मैच में भारत की ओर से दोनों गोल मैच के पहले हाफ में दागे गए। गुरजंट सिंह ने मैच के 8वें मिनट में भारतीय टीम के लिए पहला गोल किया। सिमरनजीत सिंह ने 22वें मिनट में दूसरा गोल दागकर टीम को 2-0 की बढ़त दिलाई। बेल्जियम ने मैच के 78वें मिनट में अपनी टीम के लिए एकमात्र गोल दागा।
जीत के बाद हॉकी के दिग्गज बलबीर सिंह सीनियर ने कहा कि ‘इस जीत से मुझे सुखद आनंद मिला है। मैं भारतीय टीम केहर सदस्य, कोच और स्पोर्टिंग स्टाफ को दिल से बधाई देता हूं। यह टीम केहर सदस्य की कड़ी मेहनत का फल है। मैं इस युवा टीम के प्रदर्शन को देखते हुए आशा कर सकता हूं कि भारतीय टीम अगले ओलंपिक में देश को पहचान दिलाएगी।’
शहर की अकादमी की ट्रेनी
भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले गुरजंट सिंह सेक्टर 42 स्थित हॉकी अकादमी के प्रोडक्ट हैं। अकादमी के कोच गुरमिंदर सिंह ने बताया कि गुरजंट जब 11 वर्ष के थे तो 2005 में उन्होंने यहां की अकादमी ज्वाइन की थी। वह 2011 तक इस अकादमी के अहम सदस्य रहे। जिसने अपनी टीम को नेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जितवाने में अहम भूमिका निभाई। गुरमिंदर केअनुसार ‘आज मुझे खुशी है कि मेरे ट्रेनी ने देश का नाम रोशन किया है।’
हमारा एक ही लक्ष्य था कि हमें यह कप जीतना है। इसके लिए हमने कड़ी मेहनत की थी और हमने कर दिखाया। -गुरजंट सिंह, हॉकी खिलाड़ी