फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pics: पुलवामा में शहीद हुआ था बेटा, अब सता रहा जमीन जाने का डर, वादे कर सरकारें भी भूलीं

Thu, 13 Feb 2020 04:40 PM IST
ajay kumar अमित मरवाहा, तरनतारन (पंजाब)
अमित मरवाहा, तरनतारन (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 13 Feb 2020 04:40 PM IST
विज्ञापन
Know about Shaheed Sukhjinder Singh's Family condition, a year after Pulwama attack
शहीद सुखजिंदर सिंह का परिवार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में फिदायीन हमला हुआ था। 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ की 76 बटालियन की बस पर हुए आतंकी हमले में 44 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे। इन शहीदों में पंजाब के तरनतारन जिले के गांव गंडीविंड का लाल भी शामिल था। उस समय सरकारों ने शहीद के परिवार की मदद के लिए तमाम घोषणाएं की लेकिन एक साल बाद भी हालात वैसे ही हैं। आइए जानते हैं शहीद सुखजिंदर सिंह के परिवार का हाल...

Know about Shaheed Sukhjinder Singh's Family condition, a year after Pulwama attack
- फोटो : फाइल फोटो

सुखजिंदर सिंह की शहादत पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहीद के परिवार को 12 लाख की मदद एवं पत्नी को सरकारी नौकरी देने का एलान किया था। शहीद के भोग के समय परिवार को केवल पांच लाख का चेक मिला। इसके बाद कैप्टन सरकार बकाया 7 लाख देना भूल गई और पत्नी सरबजीत कौर को चपरासी की नौकरी की ऑफर की गई है। शहीद की पत्नी सरबजीत कौर का कहना है कि एक वर्ष के बाद भी परिवार सरकारी सहायता का इंतजार कर रहा है।

Know about Shaheed Sukhjinder Singh's Family condition, a year after Pulwama attack
- फोटो : फाइल फोटो

सरबजीत कौर के साथ डेढ़ वर्ष का मासूम बेटा गुरजोत अपने पिता की फोटो से चिपक कर रो रहा था। सुखजिंदर सिंह सीआरपीएफ की 76वीं बटालियन में तैनात थे। शहीद की पत्नी सरबजीत कौर ने बताया कि भोग की रस्म के दौरान कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत राज्य सरकार की ओर से घोषित 12 लाख की राशि में से 5 लाख के चेक परिवार को दिए थे। बाकी की सात लाख की राशि कैप्टन सरकार ने अब तक जारी नहीं की, साथ ही उसे सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई थी। अब चपरासी की नौकरी दी जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Know about Shaheed Sukhjinder Singh's Family condition, a year after Pulwama attack
शहीद सुखजिंदर सिंह का परिवार। - फोटो : फाइल फोटो

शहीद सुखजिंदर सिंह के किसान पिता गुरमेज सिंह अभी ढाई लाख रुपये के कर्ज तले दबे हैं। शहादत के बाद गांव में खेल स्टेडियम बनाने के लिए 20 लाख की राशि सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने जारी की थी। शहीद के पिता गुरमेज सिंह, मां हरभजन कौर, भाई गुरजंट सिंह ने बताया कि उनके पास 3 एकड़ जमीन है। 2013 में उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से ढाई लाख का कर्ज लिया था, जो अब तक अदा नहीं कर पाए। परिवार को डर सता रहा है कि बैंक कर्ज के चलते जमीन पर कब्जा न कर लें।

विज्ञापन
Know about Shaheed Sukhjinder Singh's Family condition, a year after Pulwama attack
शहीद का परिवार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पति की शहादत पर गर्व, खैरात की नौकरी नहीं चाहिए
चपरासी की नौकरी दिए जाने से नाराज सरबजीत ने कहा क्या हुआ, वह ग्रेजुएट नहीं है। एक तरफ मेरे पति की शहादत पर पूरा देश गर्व करता है। दूसरी तरफ कैप्टन सरकार मुझसे जूठे बर्तन धुलवाना चाहती है। ऐसा हरगिज नहीं करूंगी, मुझे ऐसी नौकरी की खैरात नहीं चाहिए। मुझे अपने पति की शहादत पर गर्व तो है परंतु हंसी आती है ऐसे फौजी (कैप्टन अमरिंदर सिंह) पर जो शहीदों के परिवारों का दर्द नहीं जान पाए।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed