दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की। आप की इस जीत में कई चौंकाने वाले समीकरण सामने आए। इस चुनाव में जहां कई दिग्गज धराशयी हुई तो वहीं कई की किस्मत खुल गई। ऐसी ही कहानी है दिल्ली की हरिनगर सीट से नवनिर्वाचित विधायक राजकुमारी ढिल्लों की। वे कांग्रेस की पार्षद थीं। टिकट की घोषणा से 24 घंटे पहले आम आदमी पार्टी का दामन थामा। टिकट मिली तो भाजपा के दिग्गज नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को कारारी मात दी और अब विधानसभा पहुंच गईं। आइए जानते हैं राजकुमारी ढिल्लों की कहानी...
कांग्रेस से थी पार्षद, 'आप' ने दिया टिकट तो बनीं विधायक, रोचक है राजकुमारी ढिल्लों की कहानी
राजकुमारी ढिल्लों का संबंध हरियाणा के भूना के गांव नहला से है। यह इनका पैतृक गांव है। दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजे आते ही गांव नहला में भी जश्न का माहौल हो गया और ढोल नगाड़े बजने शुरू हो गए थे । दरअसल, दिल्ली की हरिनगर विधानसभा सीट से विधायक बनीं राजकुमारी ढिल्लों मूलरूप से गांव नहला निवासी हैं। गांव की बेटी के विधायक बनने पर ग्रामीण काफी खुश हैं।
राजकुमारी ढिल्लों का परिवार 50 साल पहले ही दिल्ली शिफ्ट हो गया था लेकिन बीच में कभी वो परिवार सहित गांव में परिजनों से मिलने अवश्य आती रही हैं। राजकुमारी ढिल्लों ने इस सीट से भाजपा के दिग्गज नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को हराया है। राजकुमारी ढिल्लों के चचेरे भाई मंगतराम गांव में ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव नतीजे आने के बाद बहन राजकुमारी का फोन आया और जीत की खबर दी। इसके बाद उन्होंने अपनी बहन को बधाई दी और जल्द गांव आने का न्योता दिया।
मंगतराम का कहना है कि विधायक राजकुमारी ढिल्लों ने अगले माह गांव में सपरिवार आने की बात कही है। मंगतराम ने बताया कि 50 साल पहले राजकुमारी के पिता तेलुराम की दिल्ली में लिपिक के पद पर नौकरी लगी थी, जिसके बाद वो अपने परिवार सहित दिल्ली के हरिनगर शिफ्ट हो गए थे। मंगतराम ने बताया कि राजकुमारी की पांच एकड़ जमीन एवं पुश्तैनी घर आज भी गांव में है, जिसकी देखरेख उनके जिम्मे है।
कांग्रेस की पार्षद थी राजकुमारी, टिकट घोषणा के 24 घंटे पहले शामिल हुई थी आप में
विधायक राजकुमारी ढिल्लों के भाई मंगतराम ने बताया कि राजकुमारी की गिनती हरिनगर विधानसभा की वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में होती थी। वो इस सीट से नगर निगम की सदस्य भी रह चुकी हैं। इस सीट से पहले आम आदमी पार्टी के ही जगदीप सिंह विधायक थे लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काटकर महज 24 घंटे पहले पार्टी में शामिल हुई राजकुमारी को थमा दिया था, जिन्होंने 37 हजार से अधिक वोट लेकर भाजपा के तेजिंदरपाल बग्गा को हराया है।