जब स्कूल ही नही जाएंगे तो सीखेंगे कैसे। यही कहावत पंजाब के कुछ सांसदों पर फिट बैठती है जो लोकतंत्र के सबसे बड़े विद्यालय में तो पहुंच गए लेकिन पहले सेशन में ही उनकी हाजिरी बेहद कम रही। अकाली दल और भाजपा के पंजाब से लोकसभा में दो-दो सांसद हैं। इन चारों ही सांसदों की हाजिरी बेहद कम है।
कांग्रेस के सांसदों ने बाजी मारी
भाजपा के तो दोनों सांसद नए हैं। हालांकि सोम प्रकाश राजनीति में बेहद माहिर हैं, लेकिन सनी देओल तो खुद कहते हैं कि उन्हें राजनीति नहीं आती। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के सांसद संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने में बाजी मार गए। सबसे ज्यादा हाजिरी फतेहगढ़ साहिब के डॉ. अमर सिंह और जालंधर के संतोख सिंह चौधरी के नाम रही।
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सुखबीर बादल
- फोटो : फाइल फोटो
17वीं लोकसभा का पहला सेशन 17 जून से 7 अगस्त तक चला। कुल 37 दिन लोकसभा में काम हुआ और कई महत्वपूर्ण बिल पास किए गए। अकाली दल के प्रधान और फिरोजपुर से सांसद सुखबीर सिंह बादल कुल 11 दिन सांसद में मौजूद रहे। गुरदासपुर से भाजपा के सांसद सनी देओल, जिनकी राजनीति में पहली पारी है, की उपस्थिति महज 9 दिन की रही।
होशियारपुर से भाजपा के सांसद सोम प्रकाश महज 3 दिन संसद में मौजूद रहे जबकि अकाली दल की सांसद और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने दो दिन ही संसद के रजिस्टर में साइन किए। फतेहगढ़ साहिब के सांसद डॉ. अमर सिंह और जालंधर के सांसद संतोख सिंह चौधरी पूरे 37 दिन संसद में उपस्थित रहे। लुधियाना के रवनीत सिंह बिट्टू 36 दिन संसद में उपस्थित रहे। अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने 35 दिन हाजिर रह कर तीसरा स्थान पाया।
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मनीष तिवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खडूर साहिब से जसबीर सिंह गिल ने 34 दिन सांसद में हाजिरी भरी। इसके बाद आनंदपुर साहिब के सांसद मनीष तिवारी हैं, जो 33 दिन संसद में हाजिर रहे। फरीदकोट के सांसद मोहम्मद सदीक और पटियाला की सांसद परनीत कौर संसद में 31 दिन हाजिर रहे। आम आदमी पार्टी के संगरूर से सांसद भगवंत मान कुल 14 दिन संसद में मौजूद रहे।