फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एक जाट ये भी...JNU की डिग्री और देश के लिए दी शहादत

Tue, 23 Feb 2016 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद Updated Tue, 23 Feb 2016 09:09 AM IST
विज्ञापन

एक जाट ये भी...JNU की डिग्री और देश के लिए दी शहादत

jnu graduate jat soldier pawan kumar martyr unread fact

आरक्षण की आग में झुलसे हरियाणा में एक जाट ऐसा भी था, जिसके पास JNU की डिग्री थी और वह देश के लिए जम्मू में शहीद हो गया।


एक जाट ये भी...JNU की डिग्री और देश के लिए दी शहादत

jnu graduate jat soldier pawan kumar martyr unread fact

कैप्टन पवन हरियाणा के जींद जिले के निवासी तो थे, साथ ही उन्होंने डिग्री जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से हासिल की थी। उनका जन्म भी सेना दिवस 15 जनवरी 1993 को हुआ था। श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर स्थित पंपोर इलाके में आतंकियों से लोहा लेते वक्त शहीद कैप्टन पवन कुमार का शव सोमवार को हवाई मार्ग से हरियाणा के जींद पहुंचेगा। आर्मी ने हरियाणा के निवासियों से विशेष तौर पर अपील की है कि बहादुर बेटे की अंतिम विदाई में सहयोग करें।

एक जाट ये भी...JNU की डिग्री और देश के लिए दी शहादत

jnu graduate jat soldier pawan kumar martyr unread fact

10 पैरा रेजिमेंट के शहीद कैप्टन पवन कुमार की दिलेरी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि वे जिस आपरेशन में हिस्सा लेते थे, वह पूरी तरह से सफल होता था। जिन दो आपरेशनों में उन्होंने हिस्सा लिया था, उसमें तीन आतंकवादी मारे गए थे। जिस वक्त वे शहीद हुए उस दौरान वे एक छोटी कंपनी को लीड कर रहे थे। उनका एक ही मकसद था कि इस आपरेशन में किसी भी नागरिक की मौत न हो। उन्होंने 14 दिसंबर 2013 में आर्मी ज्वाइन की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक जाट ये भी...JNU की डिग्री और देश के लिए दी शहादत

jnu graduate jat soldier pawan kumar martyr unread fact

शहीद 23 साल के कैप्टन पवन कुमार माता पिता के इकलौते संतान थे लेकिन आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद होने पर उनके माता-पिता तथा दादा को बेटे पर नाज है। शहीद पवन के पिता राजबीर सिंह ने कहा कि बेटे को देश की सेवा के लिए ही पैदा किया था और आज देश के लिए ही इकलौते बेटे को न्योछावर कर दिया। पिता ने बताया कि जहां पवन शहीद हुआ है वहां कुछ दिन पहले ही वे दो बार कामयाब ऑपरेशन कर चुके थे। वहां उन्होंने 3 आतंकी मार गिराए थे।

विज्ञापन

एक जाट ये भी...JNU की डिग्री और देश के लिए दी शहादत

jnu graduate jat soldier pawan kumar martyr unread fact

शहीद पवन का परिवार जींद के अर्बन स्टेट में रहता है। परिवार में माता-पिता और बुजुर्ग दादा हैं। पिता राजबीर जींद के बुढ़ाखेड़ा के सरकारी स्कूल में हेडमास्टर हैं जबकि मां कमलेश जींद के खोखरी के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। बुजुर्ग दादा घर पर ही रहते हैं। पौत्र की शहादत की सूचना आई तो दादा पवन खटकड़ की आंखें नम हो गई। मां कमलेश का कहना है कि पवन को शुरू से ही आर्मी में जाने का शौक था और आज यह जांबाज लड़ते-लड़ते ही देश के लिए शहीद हुआ। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed