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योग डे स्पेशल: साइकिल चलाने वाले रामकृष्ण कैसे बने योगगुरु बाबा रामदेव?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Jun 2016 09:33 AM IST
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योग गुरु बाबा रामदेव
- फोटो : फाइल फोटो
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर हम आपको बताते हैं कि रामकृष्ण के बाबा रामदेव बनने की कहानी। योग ने इन्हें कैसे इतनी बुलंदियों पर पहुंचा दिया। देखिए, ये रिपोर्ट।
बाबा रामदेव का योगा प्रशिक्षण शिविर
- फोटो : अमर उजाला
पूरी दुनिया को योग का पाठ पढ़ाने वाले बाबा रामदेव का असली नाम राम कृष्ण यादव है। करीब 50 साल के बाबा का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के अली सैयद्पुर गांव में हुआ। बचपन यहीं पर बीता। बचपन का नाम रामकृष्ण था। खबरें मिली हैं कि बचपन में ही शहीद भगत सिंह, रामप्रसाद बिस्मिल की तस्वीरें देखकर रामदेव क्रांतिकारी बनने की सोचा करते थे। किसे पता था कि ये एक दिन देश में योग की क्रांति लाएंगे? शुरू से ही इन्हें योग में दिलचस्पी थी।
योग गुरु स्वामी रामदेव के योग का जादू
- फोटो : amar ujala
योग के प्रति लगाव के कारण एक दिन उन्होंने घर-बार छोड़कर ऋषिकेश जाने की ठान ली। आचार्य प्रद्युम्न व योगाचार्य बल्देवजी से संस्कृत व योग की शिक्षा ली। युवावस्था में संन्यास लिया और पहले वाला रामकृष्ण, स्वामी रामदेव के नये रूप में बदल गया। रामदेव ने कुछ देर तक कालवा गुरुकुल, जींद जाकर नि:शुल्क योग सिखाया उसके बाद हिमालय में ध्यान और धारणा का अभ्यास करने निकल गए।
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बाबा रामदेव ने उड़ाया कई कंपनियों का मजाक
- फोटो : getty
बाबा रामदेव वहां से सिद्धि प्राप्त कर प्राचीन पुस्तकों व पाण्डुलिपियों का अध्ययन करने हरिद्वार आकर कनखल के कृपालु बाग आश्रम में रहने लगे। यहीं उन्हें अपने जीवन का निर्णायक मोड़ मिला। एक धार्मिक टीवी चैनल ने उन्हें योग के एक प्रोग्राम में फीचर करना शुरू किया। बाबा ने टीवी के माध्यम से जनता तक योग की शक्ति को पहुंचाया। यहीं से बाबा रामदेव ने योग को एक बड़ा ब्रांड बनाने की शुरुआत कर दी।
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रामदेव
- फोटो : getty
जैसे-जैसे योग से लोगों का जीवन बदलने लगा, वैसे-वैसे उनकी साख बढ़ने लगी। टीवी ने रामदेव को घर-घर पहुंचा दिया और पंतजलि योगपीठ की स्थापना कर योग को मानव-कल्याण की दिशा में कार्यरत किया। उनके आश्रम के बने प्रोडक्ट्स भी घरों में नजर आने लगे। टेलीविजन के रुपहले परदे पर उतर कर रामदेव का योग आम आदमी के बेडरुम तक भी जा पहुंचा है। बाबा रामदेव का प्रणायाम, अनुलोम विलोम और कपाल भाति आसन आज घर घर में लोग जानते हैं।