देश की स्टार पहलवान गोल्ड मेडलिस्ट विनेश फोगाट के लिए एक मुसीबत खड़ी हो गई है। दरअसल, एक दिक्कत उनका पीछा नहीं छोड़ रही, जिसका असर उनके खेल पर भी पड़ रहा है।
रियो ओलंपिक में तीन साल पहले लगी चोट अभी तक विनेश फोगाट को पीछा नहीं छोड़ रही है। इस चोट के कारण विनेश को अपना भार वर्ग बदलना पड़ा। फिलहाल वह 50 किलो की जगह 53 किलो भार वर्ग में खेल रही हैं। भार वर्ग बदलकर पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने उतरीं विनेश सिल्वर मेडल जीतने के बाद भी खुश नहीं हैं।
नए भारवर्ग में इस तरह की शुरूआत को विनेश अच्छा नहीं मान रही हैं। लेकिन टोक्यो ओलंपिक तक पहुंचने के लिए अहम इस साल के पहले टूर्नामेंट से काफी कुछ सीखने की बात कही है। रियो ओलंपिक 2016 में पहलवान विनेश फोगाट को कुश्ती लड़ते हुए घुटने में चोट लग गई थी। इस कारण उन्हें मुकाबला बीच में छोड़ना पड़ा था।
इस चोट की वजह से करीब एक साल तक विनेश कुश्ती से दूर रहीं। किसी तरह चोट से उबरकर दोबारा वापसी की और कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। उस समय विनेश 50 किलो भार वर्ग में खेल रही थीं, लेकिन अब इस भार वर्ग में खेलना नामुमकिन हो गया है। इस कारण उन्हें बुल्गारिया में 53 किलो भार वर्ग में खेलना पड़ा।
लेकिन 53 किलो भार वर्ग में खेलने से विनेश के खेल पर असर पड़ रहा है। विनेश के सामने विपक्षी पहलवानों की चुनौती बढ़ गई है। 53 किलो भार वर्ग में विनेश को दमदार पहलवानों से भिड़ना होगा, जो पहले से ही 53 किलो में खेल रही हैं। यही नहीं इस वर्ग में खेलने का उनका अनुभव भी विनेश से कहीं ज्यादा है।